साल 2017 में जहां पासपोर्ट को लेकर कई बदलाव हुए, वहीं नए साल 2018 में भी इसे लेकर दो अहम बदलाव होने वाले हैं। अभी से जान लीजिए आप।
दरअसल, पासपोर्ट बनवाने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन के लिए अब लोगों को थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय जल्द ही हरियाणा और चंडीगढ़ में एम-पासपोर्ट पुलिस ऐप शुरू करने जा रहा है। इससे ऑनलाइन ही पुलिस वेरिफिकेशन हो जाएगी। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी शिबाश कबिराज ने यह जानकारी दी।
कबिराज ने बताया कि पटियाला में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एम-पासपोर्ट पुलिस एप शुरू की जा चुकी है। इस एप के माध्यम से पुलिस वेरिफिकेशन ऑनलाइन की जा रही है। कबिराज ने बताया कि मार्च तक यह सुविधा हरियाणा और चंडीगढ़ में भी शुरू कर दी जाएगी। पुलिस वेरिफिकेशन कराने में अभी 22 से 23 घंटे का समय लग जाता है, लेकिन इस सुविधा के शुरू होने से पुलिस वेरिफिकेशन 12 घंटे के अंदर पूरी हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस एप के माध्यम से लोग ऑनलाइन पुलिस वेरिफिकेशन के लिए आवेदन करेंगे। तय समय के अंदर संबंधित थाना अधिकारी आवेदनकर्ता के घर आकर जांच-पड़ताल कर फिंगर प्रिंट और फोटो को ऑनलाइन फीड करेंगे। यह रिपोर्ट इस एप के माध्यम से संबंधित अधिकारी के पास मंजूरी के लिए जाएगी। पासपोर्ट बनवाने केलिए ऑनलाइन पुलिस वेरिफिकेशन मान्य कर दी जाएगी।
इमीग्रेशन चेक प्वाइंट पर अब ओरेंज क्लर का पासपोर्ट
कबिराज ने बताया कि अब इमीग्रेशन चेक प्वाइंट पर ओरेंज क्लर का पासपोर्ट चलेगा। पासपोर्ट कार्यालय की ओर से नए साल में यह सेवा शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी तीन प्रकार के पासपोर्ट जारी किए जाते हैं। सफेद रंग का पासपोर्ट भारत सरकार के आफिशियल व अधिकारी लोगों को दिए जाते हैं, लाल रंग का पासपोर्ट राजनीतिज्ञों और नीले रंग का पासपोर्ट जनरल पब्लिक को जारी किया जाता है।