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यहां शिव की पूजा करने आता है नाग-नागिन का जोड़ा

Sat, 25 Feb 2017 09:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल(हरियाणा) Updated Sat, 25 Feb 2017 09:10 AM IST
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maha shivratri special, unique temple of lord shiva, where couple of snake worshipped shiv
कैथल में भगवान शिव का अनोखा रहस्यमयी मंदिर
शिवरात्रि के मौके पर एक रहस्यमयी मंदिर देखिए। यहां हर साल नाग और नागिन का जोड़ा भगवान शिव की पूजा करने आता और आराम से चला जाता है।
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कैथल में भगवान शिव का अनोखा रहस्यमयी मंदिर
ये मंदिर है कैथल जिले में पेहवा के नजदीक अरूणाय स्थित श्री संगमेश्वर महादेव मंदिर। यहां साल में एक बार यहां नाग-नागिन का जोड़ा शिवलिंग पर आता है। यहां पूजा करने वाले श्रद्धालुओं को यह कोई नुकसान नहीं पहुंचाता और कुछ देर बाद यहां से खुद चला जाता है।
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कैथल में भगवान शिव का अनोखा रहस्यमयी मंदिर
बताया जाता है कि नाग-नागिन का यह जोड़ा शिव प्रतिमा की परिक्रमा करता है। शिवरात्रि के अवसर पर इस मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगता है। पुराणों के अनुसार यहां भगवान शिव स्वंय लिंग रूप में प्रकट हुए थे, जो स्वंयभू लिंग के रूप में मुख्य मंदिर में आज भी विराजमान हैं।
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कैथल में भगवान शिव का अनोखा रहस्यमयी मंदिर
मान्यता है कि यहां शिवलिंग पर जलाभिषेक व पूजन करवाने और यहां स्थित बेल वृक्ष पर धागा बांधने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मन्नत पूरी होने के बाद यहां पूजा करवाने व धागा खोलने के लिए श्रद्धालुओं को दोबारा आना पड़ता है। कहते हैं कि देवी सरस्वती ने श्राप मुक्ति के लिए की यहां शिव-आराधना की थी।
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शिवरात्रि - फोटो : self
मंदिर की परिचय पुस्तिका के मुताबिक यहां दूध बिलोकर मक्खन नहीं निकाला जाता। यदि कोई प्रयास करता है तो दूध खराब होकर कीड़ों में बदल जाता है। मंदिर परिसर में खाट अर्थात चारपाई का प्रयोग नहीं किया जाता। यदि कोई व्यक्ति यहां अशुद्धि फैलाने का प्रयास करता है तो उसे दंड अवश्य मिलता है।
 
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