कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर कुंडली बॉर्डर पर डेरा डालने से यहां किसानों का नया शहर बस गया है। अब यहां किसानों को जरूरत के सामान के लिए परेशान नहीं होना पड़ रहा। किसानों के इस शहर में हर सुविधा उपलब्ध है। पूरा बाजार खुल गया है। हॉस्पिटल, क्लीनिक, मेडिकल स्टोर, जिम, कपड़ों की सिलाई, जूते ठीक करने समेत अन्य सभी सुविधाएं मिल रही हैं।
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धरनास्थल पर सिलाई करता युवा किसान।
- फोटो : अमर उजाला
किसानों को जरूरत के सामान के लिए धरनास्थल से बाहर नहीं जाना पड़ रहा और खर्च भी नहीं करना पड़ रहा। किसान नेताओं का मानना है कि जिस तरह से आंदोलन लंबा हो रहा है और ऐसे में किसानों को जरूरत के सामान के लिए परेशान होना पड़ा तो वह मानसिक रूप से कमजोर हो सकते हैं। किसानों को हर सुविधा मिल रही है, इसलिए भी वह मजबूती के साथ डटे हुए हैं।
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धरनास्थल पर डेंटल क्लीनिक में उपचार करते डॉक्टर।
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कृषि कानून रद्द करने की मांग को लेकर किसानों ने 27 नवंबर को नेशनल हाईवे 44 के कुंडली बॉर्डर पर डेरा डाला था। उस समय उम्मीद जताई जा रही थी कि सरकार से किसानों की बातचीत में जल्द ही कोई निर्णय होगा और आंदोलन खत्म हो सकता है। सरकार व किसानों के बीच बातचीत में किसी तरह का हल निकलने की जगह गतिरोध बढ़ता जा रहा है और किसान कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
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धरनास्थल पर जिम में व्यायाम करते युवा।
- फोटो : अमर उजाला
आंदोलन के कारण कुंडली का बाजार उसी समय से बंद है जिससे किसानों को जरूरी सामान के लिए काफी दूर जाना पड़ता था। आंदोलन भी लंबा हो रहा है और किसानों को सामान के लिए भी जूझना पड़ रहा था। इससे किसानों का मनोबल कमजोर हो सकता था। जिसको देखते हुए कुंडली धरनास्थल पर धीरे-धीरे सुविधाएं बढ़ानी शुरू की गईं और इस समय वहां एक शहर में मिलने वाली हर जरूरी सुविधा उपलब्ध है।
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स्कूल में बच्चों को पढ़ाते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
धरनास्थल पर आठ बेड का अस्पताल भी चल रहा है। वहां डेंटल क्लीनिक भी खोल दिया गया है। किसानों के नए शहर में मेडिकल स्टोर भी खुल गया है तो वहां पास ही पेट्रोल पंप पर किसानों ने जिम भी खोल दिया है। जिम में प्रतिदिन सुबह किसान व्यायाम करते हैं। जूते ठीक करने और पॉलिश की व्यवस्था है। कपड़े सिलाई व प्रेस की सुविधा भी धरनास्थल पर है। इतना ही नहीं यहां एक मॉल भी खोला गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि किसी भी चीज के लिए पैसे खर्च नहीं करने पड़ते है।