चंडीगढ़ के गांव कैंबवाला में मकर संक्रांति के मौके पर दंगल का आयोजन हुआ। इसमें पंजाब के अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश के नामचीन पहलवानों ने भी भाग लिया। दंगल में एक लड़के और लड़की की कुश्ती भी करवाई गई। लोगों ने सालाना कुश्ती मुकाबले का खूब आनंद लिया।
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स्टंट दिखाता करतबबाज।
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पहलवारों के दंगल और हैरतअंगेज करतब देखकर सभी लोग हैरान रह गए। एक तो कड़ाके की ठंड, ऊपर से स्टेडियम के खुले मैदान की मिट्टी भी काफी सर्द थी लेकिन पहलवानों के जोश के आगे ठंड का असर नहीं था। बुलेट पर स्टंट हो या दांतों से 12 ईंटें उठाने का करतब...जिसने भी देखा वह हैरत में पड़ गया। आप भी देखें ये हैरतअंगेज करतब...
कुश्ती मुकाबले मथुरा के पहलवान उमेश ने बाजी मार ली। उन्होंने फगवाड़ा के पहलवान प्रीतपाल को पटखनी दी। दोनों में तीन मिनट की कुश्ती चली, जबकि दूसरी कुश्ती हरियाणा के बारन के अजय पहलवान और कपूरथला के रोजी के बीच हुई। यह कुश्ती बराबरी पर रही। कुश्ती के छठे मिनट में रोजी को चोट लग जाने से कुश्ती को रोक दिया गया। इस बार एक लाख दस हजार रुपये की दो बड़ी कुश्तियों का आयोजन किया गया।
गांव कैंबवाला में मकर संक्रांति के अवसर पर सालाना कुश्ती बरसों से होती आ रही है। कुश्ती देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग गांव कैंबवाला के स्टेडियम में पहुंचे। इनमें पहले इनाम के लिए एक लाख दस हजार की दो कुश्ती थी। दूसरा इनाम 51 हजार का एक, तीसरा 31 हजार रुपये का एक, चौथा 21 हजार का एक और पांचवां 11 हजार के दो इनाम थे।
लालां वाला पीर के स्थान पर शाम में कीर्तन का आयोजन हुआ। लंगर में खीर, चावल-फुल्का, कई प्रकार की सब्जियां और दालें संगत को खिलाई गईं। शाम के कीर्तन में शामिल होने वाले लोगों को गजरेला (गाजर का हलवा) और दूध का प्रसाद बांटा गया। गांव के लोगों ने यह भी बताया कि प्रति वर्ष होने वाले इस कार्यक्रम में गांव की बेटियां भी ससुराल से मायके आती हैं। उनके लिए तिल और खोए के लड्डू बनाए जाते हैं।