आशुतोष सिंगला जेईई मेन्स के टॉपर बने, लेकिन ये सफलता उन्हें यूं ही नहीं मिल गई। इसके लिए उन्होंने एक ट्रिक अपनाई, आप भी लीजिए टिप्स बेहद काम आएंगे।
मन में अगर लक्ष्य पाने की इच्छा हो तो आपको उसके लिए दिन-रात समर्पित होने की आवश्यकता हैं। बस हमें तय कर लेना चाहिए कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए कितना समय निकालना है और उस समय में केवल लक्ष्य प्राप्ति के लिए मेहनत करनी है। यह कहना है जेईई मेंस में हरियाणा टॉपर पंचकूला निवासी आशुतोष सिंगला का।
आशुतोष सिंगला को उनकी उपलब्धि के लिए भवन विद्यालय सेक्टर-15 में स्कूल प्रिंसिपल और डायरेक्टर की ओर से सम्मानित किया गया। इस मौके पर आशुतोष के पिता अशोक सिंगला भी उपस्थित रहे। इस दौरान आशुतोष ने बताया कि वह अपनी इस उपलब्धि का श्रेय स्कूल स्टाफ और परिजनों को देते हैं, जिन्होंने उन्हें पूरा सहयोग दिया है।
आशुतोष सिंगला ने बताया कि वह अपनी बहन पुनीत सिंगला को आदर्श मानते हैं, जो अभी पटियाला में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। वह स्कूल में क्लास लगाने के अलावा छह घंटे की सेल्फ स्टडी करते थे। पुराने पेपर्स को साल्व करते थे, ताकि समय पर टेस्ट देकर उसे रिव्यू कर सकें। इसके लिए उन्होंने अपने स्कूल के सीनियर जेईई मेन टॉपर्स से भी सलाह ली थी।
आशुतोष ने बताया कि वह भविष्य में इंजीनियर बनना चाहते हैं। उन्होंने अपना लक्ष्य पिता को देख कर निर्धारित किया। हालांकि अभी उन्होंने यह नहीं तय किया कि वह कौन सी इंजीनियरिंग करेंगे। आशुतोष पंचकूला सेक्टर-4 के रहने वाले हैं। उनके पिता हाउसिंग बोर्ड में एसडीओ हैं और उनकी माता बैंक मैनेजर हैं। पिता अशोक सिंगला ने बताया कि उन्हें गर्व है कि उनके बेटे ने जेईई मेन में हरियाणा से टॉप किया है।