गुरमीत राम रहीम के बेटे ने डेरा सच्चा सौदा की गद्दी संभालने से इंकार कर दिया है। इंकार करने के पीछे ये कारण बताया है।
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राम रहीम का परिवार
- फोटो : SELF
साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के जेल जाने के बाद बार-बार उत्तराधिकारी को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। मंगलवार को कुछ लोगों ने डेरा प्रमुख के पुत्र की ताजपोशी तक का ऐलान कर दिया था पर मंगलवार को डेरा प्रमुख के पुत्र जसमीत इंसां ने साफ कर दिया है कि उसके पिता एवं डेरा प्रमुख डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां ही गद्दीनशीन है और वे ही रहेंगे।
डेरा प्रमुखके पुत्र जसमीत इंसां की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान में कहा गया कि 25 अगस्त को जो दुखदायी घटना घटित हुई। उक्त घटनाक्रम से पीड़ित निर्दोष लोगों के साथ उनकी सहानुभूति है। इस पूरे घटनाक्रम से उनके हृदय को बहुत ज्यादा कष्ट हुआ है।
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गुरमीत राम रहीम का परिवार
जसमीत ने कहा है इससे अभी वे उभर भी नहीं पाए थे कि कुछ दिन से टीवी और समाचार पत्रों में मनगडंत प्रचार और डेरा प्रमुख की गुरुगद्दी के संबंध में साध-संगत व समाज में शरारती तत्वों ने दुष्प्रचार फैलाना शुरू कर दिया, उसका उन्हें बेहद दुख है। उन्होंने कहा है कि सन् 1948 में शाह मस्ताना महाराज ने डेरा सच्चा सौदा का पौधा रोपित किया व जिसकी आगे बागडोर परम संत शाह सतनाम जी महाराज को सौंपी गई।
जिन्होंने अपने प्रेम व वात्सल्य से डेरा सच्चा सौदा रूपी परोपकारी पौधे को पाला व बड़ा किया। सन् 1990 में समस्त साध-संगत के सामने शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने अपना वारिस बनाते हुए डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां को रूहानियत के दर डेरा सच्चा सौदा की बागडोर सौंप दी। तब से रूहानियत व मानवता भलाई कार्य की लहर चलाकर डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां ने 133 मानवता भलाई के कार्य कर देश व समाज की भलाई की है।