इस IAS-IPS दंपत्ति ने एक शहीद के परिवार के लिए वो काम किया है, जो सच में सराहनीय है। देखिए इन्होने ऐसा क्या किया है जिससे इनकी चारों और वाहवाही हो रही है...
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IAS दंपत्ति ने पेश की इंसानियत की मिसाल
दरअसल, शहीद नायब सूबेदार परमजीत की बेटी को गोद लेने के लिए कुल्लू के डीसी युनूस पंजाब के तरनतारन पहुंचे। कुल्लू के डीसी युनूस के साथ उनकी आईपीएस पत्नी अंजुम आरा भी साथ थीं। इस आईएएस-आईपीएस दंपत्ति ने शहीद की छोटी बेटी खुशदीप को गोद लेने की इच्छा जताई थी।
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IAS दंपत्ति ने पेश की इंसानियत की मिसाल
शनिवार दोपहर करीब 1 बजे दोनों तरनतारन में शहीद के घर पर पहुंचे। दोनों ने शहीद के परिवार के साथ बात की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि वह खुशदीप को अपने परिवार का हिस्सा मानते हुए उसका पूरा खर्च उठाएंगे।
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IAS दंपत्ति ने पेश की इंसानियत की मिसाल
डीसी युनूस और उनकी पत्नी अंजुम ने काफी देर तक पूरे परिवार के साथ बातचीत की। 2010 के आईएएस बैच के अधिकारी युनूस इन दिनों कुल्लू में बतौर डीसी तैनात हैं। वहीं, उनकी धर्मपत्नी अंजुम आरा 2011 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं जो वर्तमान में जिला सोलन में एसपी के पद पर तैनात हैं।
अंजुम आरा ने ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत में बताया कि परमजीत सिंह की शहादत के दिन वे टेलीविजन पर समाचार सुन रही थीं। उस समय शहीद परिवार पर टूटे कहर ने उन्हें हिलाकर रख दिया। उन्होंने शहीद की सबसे छोटी बेटी जिसकी उम्र करीब 12 साल है, को गोद लेने का फैसला किया।