देखिए, बेपनाह प्यार और 14 साल के 'वनवास' की दास्तां
बेपनाह प्यार और 14 साले के 'वनवास' की दास्तां तस्वीरों में देखकर आपकी आंखें भर आएंगी। ये दास्तां देखने को मिली चंडीगढ़ में।
देखिए, बेपनाह प्यार और 14 साल के 'वनवास' की दास्तां
14 साल तक मानसिक वेदना और शारीरिक यातना झेलने के बाद क्लॉडियस आइवन जेल से रिहा होता है। जेल से रिहा होने पर उसके मन में एक ही सवाल है कि आखिरकार उसकी पत्नी हेलेन ने उससे दगा क्यों किया। इसी सवाल के इंतजार में उसने 14 साल जेल में काट दिए। अब जब वह जेल से रिहा हुआ तो उसे सबसे पहले इसी सवाल का जवाब चाहिए था।
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यह दृश्य था सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर में आयोजित कैदी नाटक का। नाटक मुंशी प्रेमचंद की वर्ष 1900 में रूस के साम्राज्यवाद पर आधारित एक कहानी पर है। इसकी शुरुआत आइवन और उसकी पत्नी हेलेन से होती है।
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आइवन के शहर में राजनीतिक संग्राम हो जाता है। शहर में रोमनाफ नाम का एक नया गवर्नर नियुक्त होकर आता है। वह आते ही राष्ट्रवादियों को जेल भेजना शुरू कर देता है। वह लोगों पर गोलियां चलवाता है। हेलेन पति आइवन के साथ मिलकर रोमनाफ को मौत के घाट उतारने की योजना बनाती है।
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हेलेन योजना बनाती है कि वह रोमनाफ को अपने प्रेमजाल में फंसाएगी और उसके बाद दोनों मिलकर उसकी हत्या कर देंगे। हेलेन रोमनाफ से मेलजोल बढ़ाती है और उसे पता चलता है कि वह दिल का अच्छा आदमी है। वह तो सिर्फ अपनी ड्यूटी निभा रहा है।