आधी रात के वक्त जब दुनियां गहरी नींद में होती है, तो काले कारोबार का खेल धड़ल्ले से होता है। हमने जान जोखिम में डालकर पकड़ा है ये सच
जीरकपुर के गांव सनोली में स्थित गोल्डन फॉरेस्ट की जमीन पर लंबे समय से रेत माफिया द्वारा खोखला किया जा रहा है। वहीं, खुदाई से निकलने वाले ग्रेवल्स को टिप्परों में भरकर गांव के रास्तों से ले जाया जाता है, जिस कारण सड़कें जल्दी टूटना शुरू हो गई हैं। गौरतलब है कि गोल्डन फॉरेस्ट एक प्राइवेट लैंड हैं, जहां पर रेत माफिया से जुड़े लोग सियासी नेताओं की आड़ में अवैध खनन कर रहे हैं।
जिससे आसपास के इलाके में रहने वालों के लिए खतरा पैदा हो रहा है। वहीं, वीरवार को गांववासियों ने मिलकर प्रशासन की लापरवाही खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन किया और ऐसे लोगों खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के मुताबिक गांव सनोली के पास गोल्डन फॉरेस्ट नामक कंपनी की 50 एकड़ जमीन हैं। इस पर रेत माफिया से जुड़े लोग पोकलेन मशीन लगाकर ग्रेवल्स की चोरी कर रहे हैं। वहीं, जब गांववासियों ने मामले की जानकारी जिला प्रशासन के अधिकारियों को दी। अधिकारियों के आने से पहले ही ये लोग मशीनों सहित फरार हो गए।
गांववासियों का आरोप है कि रेत माफिया अपना कारोबार नेताओं, प्रशासन और पुलिस विभाग की मदद से चल रहा हैं। क्योंकि छापामारी की खबर उनके पास पहले ही पहुंच जाती है, जो अलर्ट होकर वहां से भाग निकलते हैं।