एग्जाम में चीटिंग के लिए बच्चे तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं, लेकिन इन युवकों ने एग्जाम पास कराने के लिए वो शातिर तरीका अपनाया कि जानकर पुलिस वाले भी चकरा गए।
मामला हरियाणा के रोहतक का है। पुलिस ने पीजीआई की बी फार्मेसी की परीक्षा में कॉपी बदलकर पास करवाने के खेल का भंडाफोड़ किया है। स्पेशल टीम ने सेक्टर-1 स्थित एक मकान में छापा मारकर दो आरोपियों को दबोच लिया है। आरोपियों से करीब 346 खाली और हल की हुईं उत्तर पुस्तिकाओं को बरामद किया गया है। ये उत्तरपुस्तिकाएं पीजीआई से चोरी की गई हैं। हल करने के बाद आरोपी इन्हें दोबारा पीजीआई में रखने की तैयारी में थे।
दोनों आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, यहां से उन्हें सात दिन के रिमांड पर लिया गया। मौके से फरार एक अन्य आरोपी देर रात पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। आरोपियों ने खुलासा किया है कि इस फर्जीवाड़े में हेल्थ विवि के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। पकड़ में आया एक आरोपी पीजीआई से सस्पेंड कर्मचारी है। वहीं, हेल्थ यूनिवर्सिटी के वीसी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। टीम को दो सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुति करनी होगी।
पुलिस की एंटी व्हीकल थैफ्ट एंड डिटेक्शन टीम के प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज वर्मा ने बताया कि रात को एसआई अशोक कुमार टीम के साथ दिल्ली बाईपास पर गश्त कर रहे थे। सूचना मिली कि आदर्श नगर निवासी नीरज और मदीना का विकास उर्फ ढिल्लू अपने साथियों के साथ पीजीआई से खाली उत्तर पुस्तिका चोरी करके लाए हैं। आरोपी पीजीआई की बी फार्मेसी के कंपार्टमेंट परीक्षा में विद्यार्थियों को पास कराने के लिए यह साजिश रच रहे हैं।
नीरज के सेक्टर एक स्थित किराए के मकान में कॉपियों को हल किया जा रहा है। पुलिस को देखकर नीरज के घर में मौजूद तीन-चार युवक तो मौके से फरार हो गए लेकिन दो आरोपी हत्थे चढ़ गए। आरोपियों की पहचान थुराना निवासी नीरज और घसौला निवासी हाल आदर्श नगर के जसवंत उर्फ जस्मू के रूप में हुई। पुलिस को नीरज के बैग से पीजीआई की 180 और जसवंत के बैग से 166 खाली उत्तर पुस्तिकाएं मिलीं। इसमें से 31 कॉपियों को हल किया जा चुका था।