हरियाणा के हिसार में राज्य स्तरीय मुक्केबाज एवं निशानेबाज राजेश उर्फ काचर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। करीब 15 साल पुरानी दोस्ती को आरोपी धनंजय गोयत ने एक पल में ही खत्म कर दी। हत्या का कारण रुपयों का लेनदेन बताया जा रहा है। हालांकि राजेश के भाई अंकित ने पुलिस को दिए बयान में हत्या का कारण अज्ञात ही बताया है लेकिन दोनों के जानकारों का कहना है कि इनके बीच रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद था।
निशानेबाज की हत्या पर बड़ा खुलासा...दोस्त ने ऐसे खत्म की 15 साल की यारी, पढ़ें- मुलाकात और कागजात कनेक्शन
हत्या की सूचना मिलते ही राजेश के कई दोस्त नागरिक अस्पताल पहुंचे। सिविल लाइन थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को होगा। पुलिस ने मृतक राजेश के बड़े भाई अंकित के बयान पर आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। धनंजय पहले हिसार के प्रेम नगर में रहता था लेकिन कुछ दिन पहले ही वह कैथल शिफ्ट हो गया था। सोमवार शाम को आरोपी धनंजय अपनी ब्रेजा गाड़ी से शहर के प्रेम नगर में गुप्ता अस्पताल के साथ वाली गली स्थित पवन राणा व विक्रम बिश्नोई के केडी सोसायटी नाम से बने कार्यालय में पहुंचा। उस समय वहां पर राजेश उर्फ काचर व उसका दोस्त पवन राणा मौजूद थे और वे दोनों कार्यालय के बाहर कुर्सी पर बैठे थे, जहां हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
मृतक राजेश के परिजनों ने बताया कि धनंजय ने राजेश को फोन करके मुलाकात के लिए बुलाया था। पवन राणा के कार्यालय पर कुछ देर बात करने के बाद धनंजय ने अपनी ब्रेजा गाड़ी से कागजात निकालकर लाने की बात कही लेकिन वह पिस्तौल लेकर आया और राजेश पर पीछे से सिर में गोलियां दाग दीं। इस दौरान पवन बचने के लिए मौके से कहीं छिप गया और आरोपी वारदात को अंजाम देकर कार व पिस्तौल सहित फरार हो गया।हादसे के बाद राजेश को शहर के निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक राजेश के भाई अंकित ने पुलिस को बताया कि राजेश के सिर व शरीर के अन्य हिस्सों पर भी गोलियां लगी हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि राजेश के सिर में ही तीन गोलियां लगी हैं। इसका खुलासा पोस्टमार्टम के बाद ही हो सकेगा। मृतक राजेश खेल के साथ-साथ फलों का आयात-निर्यात का कारोबार भी करता था। वह बॉडी बिल्डिंग का भी शौकीन था। मृतक राजेश के भाई अंकित ने बताया कि राजेश को उसने वारदात से करीब पांच मिनट पहले ही फोन करके पूछा तो राजेश ने कहा था कि वह जिम से लौटकर पवन के कार्यालय में आया है। अंकित ने बताया कि राजेश की वर्ष 2012 में शादी हुई थी लेकिन कुछ समय बाद ही तलाक हो गया था।
सूचना मिलते ही एएसपी उपासना, डीएसपी जोगिंद्र शर्मा, डीएसपी राजबीर सिंह, सिविल लाइन थाना पुलिस और सीन ऑफ क्राइम की टीम मौके पर पहुंची और तथ्य जुटाए। इस दौरान टीम ने वारदात स्थल से गोलियों के तीन खोल बरामद किए हैं। इसके अलावा पुलिस मौके की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। 16 दिसंबर 2018 को हुए मेयर चुनाव में निर्दलीय के तौर पर लड़े धनंजय गोयत की जमानत जब्त हो गई थी। हिसार के डीएसपी राजबीर सिंह ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सीआईए की दो टीम, एक टीम एवीटी स्टाफ, दो टीम थाने की व दो टीम चौकी की लगाई हैं। मृतक को तीन गोलियां लगी हैं। शव का पोस्टमार्टम मंगलवार सुबह करवाया जाएगा। फिलहाल केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।