फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

इनके साथ हुआ कुछ ऐसा, सुप्रीम कोर्ट में डाली याचिका, सभी हाइवे के ठेके बंद

Tue, 04 Apr 2017 05:22 PM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 04 Apr 2017 05:22 PM IST
सार

Harman Sidhu, The man behind the liquor ban on highways loves his drink

विज्ञापन
Harman Sidhu, The man behind the liquor ban on highways loves his drink
दिव्यांग हरमन सिद्धू की याचिका पर हुई ‘शराबबंदी’ - फोटो : अमर उजाला
ये वही शख्श है जिनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हाइवे के किनारे शराब के ठेकों को बंद करने का सुनाया फरमान है। जानिए इनके साथ ऐसा क्या हुआ था?
Harman Sidhu, The man behind the liquor ban on highways loves his drink
दिव्यांग हरमन सिद्धू की याचिका पर हुई ‘शराबबंदी’ - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ के जिस शख्स की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे और उसके 500 मीटर के दायरे में स्थित होटलों में शराबबंदी का आदेश दिया, उन्हें पिछले दो दिनों से शराब माफिया की धमकी भरी 20-25 कॉल्स आने लगी हैं। इस पर दिव्यांग हरमन सिद्धू का कहना है कि वे इनसे डरने वाले नहीं है। उनके लिए यह कोई नई बात नहीं। वे इससे पहले राजस्थान में भी नशे के खिलाफ लड़ चुके हैं। 
Harman Sidhu, The man behind the liquor ban on highways loves his drink
दिव्यांग हरमन सिद्धू की याचिका पर हुई ‘शराबबंदी’ - फोटो : अमर उजाला
सिद्धू का कहना है कि कॉल करने वाले इशारों-इशारों में धमकाते हैं। कभी महाराष्ट्र से कोई बात करता है तो कभी बंगाल से। हरियाणा-पंजाब और राजस्थान से आने वाली कॉल्स की तो कोई गिनती नहीं। 1 अप्रैल को उन्हें 22 कॉल्स आईं जबकि 2 अप्रैल को 26। उनका कहना है कि उन्हें धमकियों का कोई खौफ नहीं। हालांकि वे दिन भर फोन सुनते-सुनते परेशान जरूर हो जाते हैं। इस कारण वे अब अनजान नंबरों को ब्लॉक कर रहे हैं। वे अब तक  250 से ज्यादा फोन नंबर ब्लॉक कर चुके हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Harman Sidhu, The man behind the liquor ban on highways loves his drink
दिव्यांग हरमन सिद्धू की याचिका पर हुई ‘शराबबंदी’ - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ प्रशासन ने कोशिश नहीं की
सिद्धू ने बताया कि इस पूरे मामले में चंडीगढ़ प्रशासन का रवैया पूरी तरह से लापरवाही वाला रहा है। 15 दिसंबर 2016 को हाईवे पर शराबबंदी का फैसला आने के बाद सुप्रीम कोर्ट में पूरे देश से करीब 68 लोग पहुंचे। उनकी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने ध्यान दिया और 31 मार्च 2017 को संशोधित फैसला सुनाया। इससे कुछ लोगों को राहत मिली। लेकिन न तो चंडीगढ़ प्रशासन सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और न ही चंडीगढ़ के होटल मालिक। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पूरे देश के लिए फैसला सुनाता है। मुझे भी नहीं पता था कि ऐसा कोई फैसला आएगा जिससे पब, रेस्टोरेंट और होटलों पर असर पड़ेगा। अब जागने से कोई फायदा नहीं। ये पहले सोचना चाहिए था।
विज्ञापन
Harman Sidhu, The man behind the liquor ban on highways loves his drink
दिव्यांग हरमन सिद्धू की याचिका पर हुई ‘शराबबंदी’ - फोटो : फाइल फोटो
राजस्थान में बंद कराए थे डोडा पोस्त के ठेके
हाईवे पर शराबबंदी से पहले सिद्धू राजस्थान में भी नशे के खिलाफ लड़ाई जीत चुके हैं। राजस्थान में डोडा पोस्त के रजिस्टर्ड ठेके हैं। ये भी एक प्रकार का नशा है। ऐसा माना जा रहा था कि पंजाब में डोडा पोस्त की सप्लाई राजस्थान से होती है। सिद्धू ने जानकारी जुटानी शुरू की। जांच में पता चला कि राजस्थान में डोडा पोस्त नशा करने वाले 20 हजार रजिस्टर्ड हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed