जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों के लिए बड़ी टेंशन माल मंगवाने की है, लेकिन परेशान न हों। माल मंगवाने के लिए कारोबारी एक तरीका अपना सकते हैं।
गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी जीएसटी लागू हो चुका है, लेकिन देश भर में कई ऐसे व्यापारी, दुकानदार है, जिनके पास न जीएसटी नंबर है और न किसी तरह का पिन नंबर और ना ही उन्होंने अभी तक आवेदन किया है। ऐसे में वे चिंतित हैं कि वे कैसे माल मंगवाएंगे और कैसे व्यापार करेंगे। मगर इसमें घबराने की बात नहीं।
आबकारी एवं कराधान विभाग उन्हें जीएसटी के लिए आवेदन करते हुए एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर दिया जाएगा। तीन महीने में जीएसटी नंबर मिल जाएगा और तब तक इस रेफरेंस नंबर के सहारे वह अपना व्यापार कर सकेंगे। इसके अलावा जिनका 20 लाख का टर्नओवर नहीं हुआ है, वे भी पहले की तरह अपना व्यापार कर सकते हैं। 20 लाख का टर्नओवर होने पर आवेदन कर दें।
वहीं कपड़ा व्यापारियों की हड़ताल के बाद भी सरकार के नहीं झुकने से इतना साफ है कि सभी को जीएसटी नंबर लेना ही होगा। अब तक जिन व्यापारियों ने जीएसटी नंबर नहीं लिया है, उन्हें चिंता सता रही है कि क्या-क्या परेशानी आएंगी और वे कब अपना माल मंगवा सकेंगे। व्यापार कर भी पाएंगे या नहीं। अधिकतर व्यापारी फिलहाल नया माल नहीं मंगवा रहे हैं और पिछला ही निपटाने में लगे हैं।
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- फोटो : सोशल मीडिया
इन सभी परेशानियों का समाधान करते हुए डीईटीसी ने साफ किया है कि ऑनलाइन आवेदन करते ही व्यापारियों, दुकानदारों को एक प्रोविजन आईडी और नंबर दिया जाएगा। यह एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर होगा। जो कि फार्म में भरी गई ई-मेल आईडी और फोन नंबर पर मेसेज आएगा। इस रेफरेंस नंबर के सहारे व्यापारी अपना माल मंगवा सकेंगे।