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गोपनीय फाइलें और ट्रांसफर-पोस्टिंग: सीएम मान के ओएसडी से जुड़े मामले में नए खुलासे, सीबीआई खंगालेगी कनेक्शन
Fri, 09 Oct 2026 09:15 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 09 Oct 2026 09:15 AM IST
सार
पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन से जुड़े भ्रष्टाचार मामले की जांच में सामने आया है कि आरोपियों तक अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े गोपनीय दस्तावेज और अनुरोध पहुंचते थे। इनमें पुलिस, आबकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों से जुड़े मामले शामिल थे।
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पंजाब सीएमओ में भ्रष्टाचार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले की जांच में सरकारी गोपनीय दस्तावेज तक निजी लोगों की पहुंच और अपने कारोबारी हित में सरकारी नीतियों में बदलाव कराने की कोशिश का खुलासा हुआ है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ और उससे जुड़े दस्तावेज के आधार पर यह जानकारी सामने आई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी सरकारी विभागों से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज हासिल कर उन्हें आपस में साझा करते थे और जरूरत के मुताबिक फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश की जाती थी।
ईडी की पूछताछ में नितिन गोहल से मिली जानकारी के अनुसार, 24 जनवरी 2024 की स्टेट पॉलिसीज फॉर फूडग्रेन्स, लेबर एंड कार्टेज-2024 नाम की गोपनीय प्रस्तुति भी आरोपियों के बीच साझा की गई थी। ईडी का दावा है कि गोहल ने पूछताछ में माना कि यह दस्तावेज उसके और फूडग्रेन कारोबार से जुड़े राजदीप सिंह नागरा के बीच साझा हुआ था।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ और उससे जुड़े दस्तावेज के आधार पर यह जानकारी सामने आई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी सरकारी विभागों से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज हासिल कर उन्हें आपस में साझा करते थे और जरूरत के मुताबिक फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश की जाती थी।
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ईडी की पूछताछ में नितिन गोहल से मिली जानकारी के अनुसार, 24 जनवरी 2024 की स्टेट पॉलिसीज फॉर फूडग्रेन्स, लेबर एंड कार्टेज-2024 नाम की गोपनीय प्रस्तुति भी आरोपियों के बीच साझा की गई थी। ईडी का दावा है कि गोहल ने पूछताछ में माना कि यह दस्तावेज उसके और फूडग्रेन कारोबार से जुड़े राजदीप सिंह नागरा के बीच साझा हुआ था।
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जांच एजेंसी के मुताबिक, नागरा फूडग्रेन सप्लाई के कारोबार से जुड़ा था और पंजाब की फूडग्रेन, लेबर और कार्टेज नीति में अपने कारोबार के अनुकूल बदलाव चाहता था। इसी उद्देश्य से गोहल ने उसे गोपनीय प्रस्तुति उपलब्ध कराई, ताकि नागरा उसमें अपने सुझाव दे सके। इससे सरकारी नीति तैयार करने की प्रक्रिया को निजी कारोबारी हितों के लिए प्रभावित करने की कोशिश का आरोप सामने आया है।
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों तक अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े गोपनीय दस्तावेज और अनुरोध पहुंचते थे। इनमें पुलिस, आबकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों से जुड़े मामले शामिल थे। गोहल ने पूछताछ में बताया कि राजनीतिक संपर्कों के कारण उसे ऐसे अनुरोध मिलते थे और वह कुछ मामलों को संबंधित अधिकारियों या मुख्यमंत्री कार्यालय में आगे भेज देता था। नागरा की ओर से भी इस तरह के कई संदेश गोहल को भेजे जाने का दावा किया गया है।
जांच में कोयला खनन टेंडर, कोयला परिवहन और थर्मल पावर प्लांट से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में आए हैं। आरोपियों के बीच हुए कम्युनिकेशन में इनका जिक्र मिलने के बाद सीबीआई इन दस्तावेजों की प्रतियां भी खंगालेगी।
ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी जितिन गोहल मार्कफेड में मैनेजर था और कथित तौर पर सीएम कैंप ऑफिस से अटैच होकर वहीं से काम करता था। इस मामले में सीबीआई ने बुधवार को मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन समेत छह आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। आरोपी सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई का इंतजार कर रहे थे।
हर जांच के लिए तैयार हूं : मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सीबीआई की कार्रवाई को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीबीआई, ईडी या कोई भी जांच एजेंसी उन्हें बुलाएगी तो वह जांच के लिए तैयार हैं। मान ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिये पंजाब सरकार को डराने और उसकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी रुपया नहीं मिलेगा और ऐसी कार्रवाई से वह डरने वाले नहीं हैं।
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों तक अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े गोपनीय दस्तावेज और अनुरोध पहुंचते थे। इनमें पुलिस, आबकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों से जुड़े मामले शामिल थे। गोहल ने पूछताछ में बताया कि राजनीतिक संपर्कों के कारण उसे ऐसे अनुरोध मिलते थे और वह कुछ मामलों को संबंधित अधिकारियों या मुख्यमंत्री कार्यालय में आगे भेज देता था। नागरा की ओर से भी इस तरह के कई संदेश गोहल को भेजे जाने का दावा किया गया है।
जांच में कोयला खनन टेंडर, कोयला परिवहन और थर्मल पावर प्लांट से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में आए हैं। आरोपियों के बीच हुए कम्युनिकेशन में इनका जिक्र मिलने के बाद सीबीआई इन दस्तावेजों की प्रतियां भी खंगालेगी।
ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी जितिन गोहल मार्कफेड में मैनेजर था और कथित तौर पर सीएम कैंप ऑफिस से अटैच होकर वहीं से काम करता था। इस मामले में सीबीआई ने बुधवार को मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन समेत छह आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। आरोपी सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई का इंतजार कर रहे थे।
हर जांच के लिए तैयार हूं : मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सीबीआई की कार्रवाई को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीबीआई, ईडी या कोई भी जांच एजेंसी उन्हें बुलाएगी तो वह जांच के लिए तैयार हैं। मान ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिये पंजाब सरकार को डराने और उसकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी रुपया नहीं मिलेगा और ऐसी कार्रवाई से वह डरने वाले नहीं हैं।