फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   Major revelation in LPU violence University unrest sparked by hearsay link to first-year female student

एलपीयू हिंसा में बड़ा खुलासा: सुनी-सुनाई बात से सुलगी थी यूनिवर्सिटी, पहली वर्ष की छात्रा से कनेक्शन

Fri, 09 Oct 2026 08:03 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर Published by: Nivedita Updated Fri, 09 Oct 2026 08:03 AM IST
सार

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में एक छात्रा से दुष्कर्म की कथित सूचना के बाद 26 और 27 सितंबर को बड़े पैमाने पर बवाल हुआ था। गुस्साए छात्रों ने यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ के बाद आगजनी की थी। 

विज्ञापन
Major revelation in LPU violence University unrest sparked by hearsay link to first-year female student
एलपीयू हिंसा में बड़ा खुलासा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में 26 सितंबर को हुई हिंसा की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने कथित दुष्कर्म की वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के मूल स्रोत का पता लगा लिया है। यह पोस्ट एलपीयू की पहली वर्ष की एक छात्रा ने रेडिट पर डाली थी।

विज्ञापन


पुलिस को रेडिट के अमेरिका स्थित मुख्यालय से संबंधित उपयोगकर्ता की जानकारी मिली। पंजाब पुलिस की तकनीकी और साइबर टीम ने आईपी ट्रैक कर छात्रा की पहचान की। विशेष जांच दल ने छात्रा से पूछताछ कर उसका विस्तृत बयान दर्ज किया है। 
विज्ञापन


छात्रा ने स्वीकार किया कि उसने सुनी-सुनाई बात के आधार पर अपनी राय व्यक्त की थी। उसकी जानकारी प्रत्यक्ष नहीं थी। यह पोस्ट 24 सितंबर और फिर 26 सितंबर को दो बार डाली गई थी। बाद में इसे हटा दिया गया था। पोस्ट तेजी से फैलने से छात्रों में आक्रोश बढ़ा और हिंसा भड़क गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

एलपीयू हिंसा मामले में 15 लोगों की पहचान
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को सरकार से सोशल मीडिया पर फैली कथित गलत सूचनाओं को लेकर सवाल किए। सरकार ने अदालत को बताया कि अभी तक जांच में दुष्कर्म या हत्या की कोई घटना सामने नहीं आई है। हालांकि, मामले की जांच जारी है। सरकार ने यह भी बताया कि हिंसा में शामिल 15 लोगों की पहचान की जा चुकी है और गिरफ्तारियां की जा रही हैं।

हाईकोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है, लेकिन गलत सूचना फैलाना उचित नहीं है। एक गलत सूचना बड़े स्तर पर नुकसान का कारण बन सकती है। अदालत ने सरकार से यह पता लगाने को कहा कि वह सूचना कहां से और किस मंच के माध्यम से फैली, जिसके बाद विश्वविद्यालय में तनाव और हिंसा की स्थिति बनी।

गलत सूचना के स्रोत तक पहुंचने के निर्देश
अदालत ने कहा कि चितकारा हो या एलपीयू, ऐसे मंचों और माध्यमों की पहचान जरूरी है, जहां से संवेदनशील मामलों को लेकर सूचनाएं फैलाई गईं। मीडिया में किसी घटना की आलोचना करना गलत नहीं है, लेकिन ऐसी खबरों को इस तरह तूल देने से बचना चाहिए, जिससे स्थिति और बिगड़े। अदालत ने कहा कि एलपीयू में करीब 28 हजार छात्र हैं और यह पंजाब जैसा सीमावर्ती राज्य है, इसलिए ऐसे संस्थान में गलत सूचना से पैदा हुआ तनाव गंभीर विषय है।

षड्यंत्रकारियों पर कार्रवाई के निर्देश
सरकार की स्थिति रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने कहा कि आगजनी और तोड़फोड़ के पीछे षड्यंत्र में शामिल लोगों तक पहुंचना और उन्हें कानून के मुताबिक अंजाम तक पहुंचाना जरूरी है। अदालत ने याचिकाकर्ता को सरकार की स्थिति रिपोर्ट पर सोमवार तक पक्ष रखने का निर्देश दिया। सुनवाई सोमवार तक स्थगित करते हुए सरकार से यह भी बताने को कहा गया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed