ऐसे बचेगी बेटीः गाजे-बाजे के साथ निकाली नवजात की 'बारात'
बेटियों के प्रति लोगों की सोच बदलने लगी है। इसका जीता-जागता उदाहरण भिवानी में देखने को मिला, जहां परिवार ने बेटी पैदा होने की खुशी अनोखे ढंग से मनाई।
ऐसे बचेगी बेटीः गाजे-बाजे के साथ निकाली नवजात की 'बारात'
ये परिवार है जगमेंद्र का, जो अपनी नवजात पोती को गाजे-बाजे के साथ घर लाए और दादा बनने की खुशी शहर भर के साथ बांटी। जगमेंद्र पोती को रथ में बिठाकर लाए।
ऐसे बचेगी बेटीः गाजे-बाजे के साथ निकाली नवजात की 'बारात'
खूब ढोल नगाड़े बजे, महिलाओं ने जश्न मनाया। मिठाइयां बांटी गई। बेटी की यह रथ यात्रा दिनोद गेट स्थित अंचल नर्सिंग होम से शुरू हुई और उत्तम नगर तक गई।
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अस्पताल संचालक डॉ. विनोद अंचल व डा. अनीता ने शगुन के रूप में सुकन्या समृद्धि योजना की पास बुक, 1100 रुपये, बेबी ड्रेस और मिठाई भेंट कर गरिमा को घर के लिए रवाना किया।
ऐसे बचेगी बेटीः गाजे-बाजे के साथ निकाली नवजात की 'बारात'
जगमेंद्र ने बताया कि पोती के जन्म पर अस्पताल के सहयोग से उसे घर ले जाने की योजना बनाई। वे ये बताना चाहते हैं कि लड़कियों की वजह से ही संसार चलता है। वे ही मां, दादी, बहन व नानी बनती हैं व वंश को तो चलाती ही हैं।