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एक साथ जलीं 10 चिताएं, चूल्हे रहे ठंडे, हर जगह मातम, तस्वीरें

Wed, 25 May 2016 10:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बटाला(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, बटाला(पंजाब) Updated Wed, 25 May 2016 10:29 AM IST
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funeral of ten dead bodies died in amritsar pick up truck accident
अमृतसर हादसे में मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
पंजाब के बटाला जिले के हर गांव में मातम हैं। एक दिन में 10 चिताएं जलीं और चूल्हे ठंडे पड़े। हर जगह मातम पसरा है। तस्वीरें।
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अमृतसर हादसे में मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
बटाला जिले के गांव अम्मोनंगल, जाहदपुर सेखवां और नत्त के घरों में मातम छाया हुआ है। रविवार को हुए इस सड़क हादसे ने इलाके के हर बड़े बूढे़ को गम के सागर में डूबो दिया है। गांव की हर गली में सफेद रंग के दुपट्टे में महिलाओं को तांता देखने को मिला। गांव में हर आंख नम है।
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अमृतसर हादसे में मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि रविवार मेहता-अमृतसर रोड पर हुए हादसे में 10 लोग मारे गए थे। इनमें अम्मोनंगल के 5, जाहदपुर सेखवां के 2, नत्त का 1 और मेहता चौक के 2 लोग शामिल थे। गांव अम्मोंनंगल के सरपंच हरजीत सिंह ने बताया कि हादसे में उनके गांव के पांच लोगों की मौत हुई है।
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अमृतसर हादसे में मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
सरपंच के मुताबिक मरने में वालों में से परमिंदरपाल सिंह, अमरीक सिंह, तरसेम सिंह नरिंदरपाल कौर और जसकरण कौर हैं। नरिंदर कौर और जसकरण दोनों ही मां बेटी हैं। उन्होंने बताया कि अम्मोनंगल का रहने वाला अमरीक सिंह जो गांव के अड्डे पर दूध की डेयरी चलता था।
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अमृतसर हादसे में मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
अमरीक सिंह अकसर सेवा भावना से इलाके की संगत को हर शनिवार आधी रात को दरबार साहिब लेकर जाता था। सरपंच हरजीत सिंह ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग हर बार अमरीक सिंह के साथ हरमिंदर साहिब के दर्शन के लिए जाते थे। परमिंदरपाल सिंह महज 18 साल का था, जो इस जत्थे के साथ पहली बार गया था और वापस नहीं आया।
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