{"_id":"5f26508b791747310d7ecd15","slug":"friendship-day-story-of-friends-from-chandigarh","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Happy Friendship Day: पढ़ें दोस्ती के 10 रिश्तों की कहानियां, जिन्होंने कहा- दोस्त बिन जिंदगी अधूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Happy Friendship Day: पढ़ें दोस्ती के 10 रिश्तों की कहानियां, जिन्होंने कहा- दोस्त बिन जिंदगी अधूरी
Sun, 02 Aug 2020 11:26 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 02 Aug 2020 11:26 AM IST
विज्ञापन
दोस्त बिना जिंदगी अधूरी
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोस्तों के बिना जिंदगी अधूरी होती है। हर शख्स की जिंदगी में एक ऐसा दोस्त होता है, जिससे वह दिल खोलकर अपनी बात कह सकता है। फ्रेंडशिप डे के मौके पर पेश है, ऐसे ही कुछ दोस्तों की कहानी...
लाडी पन्नू, शिशुपाल
- फोटो : अमर उजाला
मेरे खास दोस्तों में शामिल हैं शिशुपाल। ईमानदार होने के साथ वह हर किसी की मदद के लिए ऐसे तैयार रहते हैं, जैसे कि कोई उनका अपना हो। मेरे साथ उनकी पक्की दोस्ती है। वह मेरा बहुत ख्याल रखते हैं।
- लाडी पन्नू, मलोया, चंडीगढ़
- लाडी पन्नू, मलोया, चंडीगढ़
मोनिका, कंचन सेठ
- फोटो : अमर उजाला
मेरी मोनिका से आठ साल पुरानी दोस्ती है। हमारी मुलाकात दिल्ली में एक लाइब्रेरी में हुई थी। वह मुझे हमेशा सही-गलत का फर्क समझाती है। मुश्किल वक्त पर भी उसने मेरा साथ नहीं छोड़ा। वह मेरी ऐसी सहेली है, जिससे मैं सभी बातें साझा कर सकती हूं।
- कंचन सेन चंडीगढ़
- कंचन सेन चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
बलराम मिश्रा, सत्यम पांडे
- फोटो : अमर उजाला
मैं और मेरा दोस्त सत्यम पांडे बचपन के दोस्त हैं। चाहे जितनी मुश्किलें आ जाएं, वह मेरे साथ डटकर खड़ा रहता है। हमारी ऐसी दोस्ती हो गई है कि वह अब मेरी फैमिली का हिस्सा है। ऐसे दोस्त बहुत कम मिलते हैं।
- बालीराम मिश्रा, मनीमाजरा
- बालीराम मिश्रा, मनीमाजरा
विज्ञापन
पिता के साथ नवनीत कौर
- फोटो : अमर उजाला
मेरे पापा मेरे सबसे अच्छे दोस्त हैं। वह हर मुश्किल वक्त पर मुझे सही सलाह देते हैं। सच्चा दोस्त वही है, जो मेरी शक्ल देखकर बता दे कि मैं ठीक हूं या नहीं। कुछ ऐसे हैं मेरे पापा।
- नवनीत कौर सेक्टर -32 चंडीगढ़
- नवनीत कौर सेक्टर -32 चंडीगढ़