भगवान शिव का प्रिय मास सावन के पहले दिन भक्तों ने बाबा का जलाभिषेक किया। कई लोग परिवार के साथ शिवालय पहुंचे। इस दौरान सामाजिक दूरी बनाकर बारी-बारी से जलाभिषेक और दर्शन किए। मंदिर प्रबंधन ने भी भक्तों के लिए सावन के पहले सोमवार पर खास इंतजाम किए हैं। मंदिर कमेटियों ने पूरी तन-मन के साथ सामाजिक दूरी के नियम का पालन करवाया। आइए देखते हैं सावन के पहले सोमवार की कुछ तस्वीरें...
चंडीगढ़ के कई शिव मंदिरों में सामाजिक दूरी के लिए जलाभिषेक स्टैंड भी बनवाए गए हैं। भक्त जलाभिषेक स्टैंड पर लगे ट्रे में जल चढ़ाते और वह जल पाइप के जरिए शिवलिंग पर गिरता है। सेक्टर-29 के बाबा बालकनाथ मंदिर, सेक्टर-22 स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर-28 के खेड़ा शिव मंदिर समेत तमाम मंदिरों में जलाभिषेक स्टैंड लगाए गए हैं। मंदिरों में भक्त एक-एक कर जलाभिषेक करते हुए नजर आए। भगवान के दुग्धाभिषेक के लिए एक बार में सिर्फ एक भक्त ने ही मंदिर में प्रवेश किया।
श्री सिद्ध बाबा बालकनाथ मंदिर के प्रधान विनोद कुमार चड्ढा ने बताया कि काफी संख्या में भक्तों ने जलाभिषेक किया। साढ़े 10 बजे तक करीब 125 भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन किए। सेक्टर- 22 के श्री सनातन धर्म मंदिर के महासचिव डीपी सूरी ने बताया कि कोविड-19 के कारण भक्तों की सहूलियत के लिए जलाभिषेक स्टैंड बनवाया गया है। उन्होंने बताया कि फल और बेलपत्र नहीं चढ़ाने दिया गया। भक्तों के फलों को अच्छी तरह साफ करने के बाद वितरित कर दिया। सेक्टर-28 के खेड़ा शिव मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन किए।
मंदिर कमेटियों ने कराया महामृत्युंज्य जाप
चंडीगढ़-पंचकूला और मोहाली में लगातार कोरोना के बढ़ते मामलों से हर कोई परेशान है तो वहीं सावन के पहले सोमवार को भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन के साथ शहर और परिवार को कोरोना से बचाने की कामना की। वहीं चंडीगढ़ की मंदिर कमेटियों ने ट्राइसिटी को कोरोना वायरस से बचाने को लेकर महामृत्युंज्य जाप कराया।
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- फोटो : अमर उजाला
सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर के प्रधान राकेश पाल मोदगिल ने बताया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए मंदिर के पुजारियों ने महामृत्युंज्य का जाप किया। देश के सैनिकों की रक्षा के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। सेक्टर- 28 के खेड़ा शिव मंदिर के प्रमुख पुजारी पंडित ईश्वरचंद्र शास्त्री ने बताया कि महामारी की रोक के लिए मंदिर में विशेष पूजा की गई। यह पूजा पूरे सावन के महीने चलेगी। प्रत्येक सोमवार को विशेष पूजा अर्चना की जाएगी।