‘कहती थी मुझे रूस में जाकर रहना है। इसके लिए बारहवीं की पढ़ाई के बाद फ्रेंच भाषा की कोचिंग की जिद करने लगी। उसकी जिद पर चंडीगढ़ भेज दिया। हमें क्या पता था कि हम अपनी बहन को मौत के मुंह में भेज रहे हैं.. यह कहते हुए रिया के भाई की आंखें भर आईं। सेक्टर-32 स्थित मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के बाद रिया के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। चचेरे भाई सुशांत ने रोते हुए बताया कि छह महीने पहले रिया को सेक्टर-36 स्थित एक इंस्टीट्यूट में फ्रेंच भाषा की कोचिंग के लिए चंडीगढ़ भेजा था।
रिया घर में सबकी लाडली थी। जो कहती थी उसे घरवाले पूरा करते थे। मां इंग्लैंड में रहती हैं लेकिन रिया रूस जाना चाहती थी। सुशांत ने बताया कि वह भी रिया के मामा और रिया के साथ 27 फरवरी को रूस जाने की तैयारी में था। रूस जाने की इतनी खुशी थी कि बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहा था। बताया कि रिया और मुझमें काफी नोकझोंक होती थी।
घर की लाडली हमें बिना बताए छोड़ गई। अगर पता होता यह हादसा हो जाएगा तो कभी रिया को चंडीगढ़ नहीं भेजते और न पीजी में ठहराते। जीएमसीएच-32 में पोस्टमार्टम के वक्त रविवार को काफी लोगों का जमावड़ा लगा हुआ था। दोपहर करीब दो बजे रिया का पोस्टमार्टम करवाकर पुलिस ने कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
मां और बहन विदेश में, चाचा-चाची के पास रहती थी रिया
रिया के पिता कि कुछ साल पहले मृत्यु हो गई थी जबकि रिया की मां पिछले काफी समय से इंग्लैंड में और बड़ी बहन लंदन में सेटल हो चुकी हैं। ऐसे में रिया कपूरथला में अपने चाचा और मामा के घर पर रहती थी। रिया के मामा ने बताया कि रिया को विदेश में सेटलमेंट होना था जिस कारण वह फ्रेंच भाषा सीख रही थी।
रिया की दम घुटने से हुई थी मौत
पीजी में हादसे के वक्त रिया अरोड़ा दूसरी मंजिल पर फंस गई थी। इस दौरान वह कमरे से किसी तरह बाहर निकल गई लेकिन आग की लपटें सीढ़ियों पर ज्यादा होने से वह नीचे की तरफ भागने में वह असफल रही। धुआं ज्यादा होने के चलते रिया ने किसी तरह खुद को बाथरूम में बंद कर लिया लेकिन इस बीच धुएं से दम घुटने से उसकी मौत हो गई।