{"_id":"5cff5be2bdec220758762a3a","slug":"fatehveer-singh-died-at-pgi-chandigarh-child-was-rescued-from-borewell-after-109-hours-sangrur","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"109 घंटे लड़ने के बाद जिंदगी की 'जंग' हारा फतेहवीर ऐसी हालत में गया घर, पहली तस्वीरें आई सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
109 घंटे लड़ने के बाद जिंदगी की 'जंग' हारा फतेहवीर ऐसी हालत में गया घर, पहली तस्वीरें आई सामने
Wed, 12 Jun 2019 12:15 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 12 Jun 2019 12:15 AM IST
विज्ञापन
फतेहवीर सिंह का पार्थिव शरीर
- फोटो : अमर उजाला
दो साल का फतेहवीर सिंह 109 घंटे तक लड़ता रहा और फिर उसने दम तोड़ दिया। छह दिन बाद वह ऐसी हालत में घर गया, देखकर दिल भर आएगा। मौत के बाद पहली तस्वीरें आई सामने।
फतेहवीर सिंह का पार्थिव शरीर
- फोटो : अमर उजाला
पीजीआई चंडीगढ़ से फतेहवीर का पार्थिव शरीर लेकर परिजन घर रवाना हो गए। इससे पहले फतेहवीर का पोस्टमार्टम किया गया। फतेहवीर सिंह को मंगलवार तड़के बेहद नाजुक हालत में पीजीआई लाया गया था, जहां जांच करने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 109 घंटे बाद फतेह को उसी बोरवेल से निकाला गया था, जिसमें वह गिरा था। गांव के ही एक युवक ने उसे बाहर निकाला, वो भी एक कुंडी के जरिए।
बोरवेल से निकाला गया फतेहवीर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में न एनडीआरएफ की कारगुजारी काम आई और न ही कोई तकनीकी मशीन। बताया जा रहा है कि जिस बोर में फतेह फंसा था, उससे दुर्गंध आ रही थी। लोगों को और मीडिया को बोरवेल तक जाने नहीं दिया जा रहा है। जैसे ही फतेहवीर को निकाला गया, तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। फतेहवीर के मां-बाप को भी पहले ही अस्पताल भेज दिया गया था। वहां बच्चे को प्राथमिक उपचार दिया गया, फिर पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बोरवेल से निकाला गया फतेहवीर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
लोग फतेह को निकालने में हुई देरी, एनडीआरएफ की कार्यप्रणाली और प्रशासन की कारगुजारी पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि बच्चे को बचाने के लिए बोरवेल के समांतर एक दूसरा बोरवेल खोदा गया था और उसमें कंक्रीट के बने 36 इंच व्यास के पाइप डाले गए थे। रविवार आधी रात तक सौ फुट गहरी सुरंग खोद दी गई थी, लेकिन इसे जब बोरवेल से मिलाया गया तो इसकी दिशा गलत हो गई।
विज्ञापन
बोरवेल से निकाला गया फतेहवीर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार सुबह इसे बोर से मिलाने का काम शुरू किया गया, लेकिन इसका मिलान जमीन के अंदर बने एक दूसरे बोरवेल से हो गया। यह देखकर लोग भड़क गए और उन्होंने एनडीआरएफ की टीम पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इसके बाद नए सिरे से काम शुरू हुआ, लेकिन नई सुरंग की गहराई पुराने बोर से ज्यादा हो गई। सोमवार शाम पांच बजे पुराने बोर का निचला भाग मिलने का दावा किया गया, लेकिन फतेह को निकालने की जद्दोजहद रात तक जारी रही।