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कोरोना संक्रमण से मरने वालों की अस्थियां लेने से परिजनों का इंकार, आत्मा को मुक्ति का इंतजार

Fri, 03 Jul 2020 02:35 PM IST
खुशबू गोयल अंकित चौहान, सोनीपत
अंकित चौहान, सोनीपत Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 03 Jul 2020 02:35 PM IST
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Family Refused to Accept Ashes of Dear Ones, Who Died Due to Coronavirus
लॉकर में रखीं अस्थियां दिखाते समिति पदाधिकारी - फोटो : अमर उजाला
कोरोना के कारण सामाजिक व पारिवारिक रिश्ते भी खत्म होने लगे हैं और कोरोना से मरने के बाद अपने भी दूर हो जाते हैं।
Family Refused to Accept Ashes of Dear Ones, Who Died Due to Coronavirus
मृतकों की अस्थियां
कोरोना के कारण सामाजिक व पारिवारिक रिश्ते भी खत्म होने लगे हैं और कोरोना से मरने के बाद अपने भी दूर हो जाते हैं। यही कारण है कि कोरोना से मरने वालों की आत्मा मुक्ति का इंतजार कर रही है, क्योंकि परिजनों ने उनकी अस्थियां लेने से इंकार कर दिया है। शिव मुक्ति धाम में कोरोना से मरने वाले कई लोगों की अस्थियां रखी हुई हैं और समिति के पदाधिकारी उनको फोन कर रहे हैं, लेकिन उनमें से कई ने अस्थियां लेकर जाने से साफ इंकार कर दिया है।
Family Refused to Accept Ashes of Dear Ones, Who Died Due to Coronavirus
मृतकों की अस्थियां
वहीं ऐसे भी कई परिवार हैं, जो हर बार जल्द ही अस्थि लेकर जाने की बात कहते हैं और उसके बाद अस्थि लेकर नहीं जा रहे हैं। जबकि चिकित्सकों का कहना है कि अस्थियों से कोरोना नहीं फैलता है। सोनीपत के सेक्टर 15 के शिव मुक्ति धाम में शव का अंतिम संस्कार करने के बाद कोई तुरंत ही अस्थियों को विसर्जित नहीं करता है तो अस्थियों को लॉकर में रखवा दिया जाता है। लॉकडाउन में वहां सभी 40 लॉकर भर गए थे तो 15 लोगों की अस्थियां पास ही कमरे में रखनी पड़ी थी।
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Family Refused to Accept Ashes of Dear Ones, Who Died Due to Coronavirus
मृतकों की अस्थियां
लॉकडाउन खत्म होते ही 35 अस्थियों को परिवार के लोग लेकर चले गए और उनको विसर्जित किया गया। लेकिन वहां अभी 20 अस्थियां रखी हुई हैं, जिनमें 6 कोरोना से मरने वालों की अस्थियां हैं। शिव मुक्ति धाम समिति के पदाधिकारी बताते हैं कि वहां कोरोना से मरने वालों का अंतिम संस्कार किया गया था और 16 लोगों की अस्थियां एकत्र हो गई थी। 10 को परिजन लेकर चले गए हैं और 6 मृतकों की अस्थियां यहां रखी हुई हैं। उनके परिवारों को समिति के पदाधिकारी फोन करके अस्थियां लेकर जाने के लिए बार-बार कह रहे हैं, लेकिन वह अस्थि लेने नहीं पहुंच रहे हैं। उनमें से कई परिवारों ने अस्थियां लेकर जाने से साफ इंकार कर दिया है। इस तरह अस्थियों का विसर्जन नहीं होने से कोरोना से मरने वालों की आत्मा को मुक्ति नहीं मिल रही है।
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Family Refused to Accept Ashes of Dear Ones, Who Died Due to Coronavirus
मृतकों की अस्थियां
शिव मुक्ति धाम में कोरोना से मरने वालों के अंतिम संस्कार हुए थे। 10 की अस्थियों को परिवार के लोग लेकर चले भी गए हैं, लेकिन छह की अस्थियां यहां रखी हुई हैं। उनको समिति की ओर से बार-बार फोन किया जा रहा है कि वह यहां से अस्थियां लेकर विसर्जित कर दें। लेकिन वे लोग अस्थियां लेकर नहीं जा रहे हैं। कई ने अस्थियां लेकर जाने से इंकार कर दिया है। अब समिति की ओर से समय मिलने पर उनकी अस्थियों को लावारिस लोगों की अस्थियों के साथ ही गंगा में विसर्जित किया जाएगा।
- डॉ. डीएल मल्होत्रा, सचिव शिव मुक्ति धाम

कोरोना किसी के शरीर से फैल सकता है, लेकिन जब उसका अंतिम संस्कार हो जाता है तो उसकी अस्थियों से कोरोना नहीं फैलता है। इस तरह का अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है कि किसी की अस्थियों के कारण कोई दूसरा कोरोना संक्रमित हुआ हो। इसलिए अस्थियां लेकर जाने में कोई परेशानी नहीं है।
- डॉ. दिनेश छिल्लर, नोडल अधिकारी कोरोना
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