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Photos: तिरंगे में लिपट कर आया सपूत, पत्नी के साथ रोया पूरा गांव

Mon, 25 Dec 2017 01:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब) Updated Mon, 25 Dec 2017 01:17 AM IST
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Family of Gurmail Singh in mourning as his remains are brought to his village
Amritsar News
अपने बहादुर बेटे के शव देखते ही पूरा गांव एक साथ रो पडा। बच्चे, जवान, बूढे़, महिलाओं की रोने के आवाज से पूरा इलाका गूंजने लगा, तस्वीरें...
Family of Gurmail Singh in mourning as his remains are brought to his village
Amritsar News
जम्मू-कश्मीर के राजोरी सेक्टर में पाक सेना की गोलीबारी में शहीद हुए मेजर और तीन जवानों में से एक लांस नायक गुरमेल सिंह (34) कत्थूनंगल के गांव अल्केरा के रहने वाले थे। गांव के गुरुद्वारा साहिब में जहां श्री गुरु गोबिंद सिंह के 350वें प्रकाश पर्व पर शुकराना हो रहा था, वहीं शहीद का परिवार भी शुकराना कर रहा था कि उनके घर में गुरमेल सिंह जैसे जांबाज ने जन्म लिया, जिसने देश के लिए कुर्बानी दी।
Family of Gurmail Singh in mourning as his remains are brought to his village
शहीद लांस नायक गुरमेल सिंह
बेटे गुरमेल की पुरानी फोटो देखकर पिता तरसेम सिंह फफक पड़े। वह कहने लगे कि मेरे बेेटे जैसा सुंदर, सुशील और आज्ञाकारी शायद ही कोई हो। बेटा भले ही शहीद हो गया हो, लेकिन पिता का दिल रो ही पड़ता है। 
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Family of Gurmail Singh in mourning as his remains are brought to his village
Amritsar News
तरसेम सिंह कहने लगे कि मेरा दिल कमजोर नहीं है, देश के लिए बेटे की शहादत पर रब का शुक्रगुजार हूं कि मुझे वाहेगुरु ने ऐसी औलाद दी। मेरा मन रो तो रहा है, लेकिन टूटा नहीं है। मैं मातम नहीं मना सकता, लेकिन आंसू भी रोक नहीं पा रहा हूं।  
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Family of Gurmail Singh in mourning as his remains are brought to his village
शहीद लांस नायक गुरमेल सिंह
अब तो सेहरा और तस्वीर ही सहारा
तेरह साल पहले ही कुलजीत कौर की शादी गुरमेल सिंह से हुई थी। आठ साल की बिटिया है, जिसे गुरमेल सिंह बिट्टी कहकर बुलाते थे। कुलजीत कौर के पास पीली पगड़ी, पीले कोट में वो आखिरी तस्वीर है। बीते 10 दिसंबर को मोबाइल से खींची थी। कुलजीत ने शादी का सेहरा भी संभाल कर रखा है, कहती है यह मेरे जीने का आसरा है। अब उसके पास गुरमेल की यादें ही हैं, जिसे वो सहेज कर आखिरी सांस तक रखेगी।
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