सरदार सिंह को सरकार ने खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित करने का फैसला किया है। जानिए वो कौन सी बातें हैं जिससे वो इस मुकाम पर पहुंचे हैं।
ये हैं भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रह चुके सरदार सिंह। भारतीय हाकी टीम के सबसे युवा कप्तान का ताज भी इनके सिर पर है। सरदार सिंह और रियो पैरालिंपिक में गोल्ड जीतकर इतिहास रचने वाले खिलाड़ी देवेंद्र झाझरिया को खेल रत्न पुरस्कार दिया जाएगा। इस बार यह पुरस्कार संयुक्त रूप से इन दोनों खिलाडि़यों को देने का फैसला किया गया है।
भारत ने 2014 में सरदार की कप्तानी में एशियाई खेलों में पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण पदक जीता था और रियो ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई किया था। सरदार ने भारत के लिए अपना पदार्पण जूनियर टीम में 2003-04 में भारत के पोलैंड दौरे के दौरान किया था। सरदार ने सीनियर टीम में अपना पदार्पण 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ किया।
दुनिया के बेहतरीन मिडफील्डरों में शुमार सरदार को 2010 और 2011 में एफआईएच की 18 सदस्यीय ऑल स्टार टीम में जगह मिली थी। सरदार ने 2008 में भी सुल्तान अजलान शाह में जब भारत का नेतृत्व किया था, तब वह देश के सबसे युवा कप्तान बने थे। सरदार को 2012 में अर्जुन अवॉर्ड और 2015 में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।
सरदार सिंह का जन्म 15 जुलाई 1986 को हरियाणा के सिरसा जिले के रानिया में हुआ। सरदार सिंह देश के बेहतरीन मिडफील्डर हैं। भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रह चुके हैं। डिफेंस और आक्रमण दोनों में बड़ी चपलता से खेलते हैं।