योग संग नृत्य का संगम के साथ चंडीगढ़ योग फेस्टिवल के समापन हो गया। चार दिवसीय कार्यक्रम के समापन पर रविवार को होटल हयात में योग गुरू बाबा रामदेव ने कहा कि योग से कोई रोग पैदा नहीं होता है। योग के साथ लोगों को आहार और विचार शुद्घ रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग से शरीर और चित्त शुद्घ होता है। चित्त में सारी प्रवृत्ति होती है। चित्त अगर सही नहीं होता है तो मन का अस्तित्व समाप्त हो जाता है।
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चंडीगढ़ योग फेस्टिवल
- फोटो : amar ujala
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि लोगों ने कहा कि बाबा आप नोबेल पुरस्कार के लिए जुगाड़ क्यों नहीं लगाते हैं इस पर मैंने कहा कि मै जहां बैठता हूं और मेरे फालोवर ही मुझे नोबेल मानते हैं। इसे ज्यादा फक्र मेरे लिए और क्या हो सकता है।
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उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस चंडीगढ़ में मनाए जाने पर खुशी जताते हुए कहा कि लोग अपने 24 घंटे में एक घंटे योग को दें तो वे कभी बीमार नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि मेरे नाम एक पैसे की संपत्ति नहीं है। मैं आयुर्वेद को आगे बढ़ाना चाहता हूं। मै अपना काम इमानदारी से करता हूं।
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उन्होंने कहा कि लोगों को ढोंगी योगियों से सतर्क रहना चाहिए। समय पर प्राणायाम करें तो लोग स्वस्थ रहेेंगे। योग भारत में प्राचीन काल से है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह से उन्होंने योग को प्रमोट किया है। यह सराहनीय है।
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उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री खुद एक योगी की तरह काम कर रहे हैं। आज देश में लोग सत्ता , संपत्ति, सम्मान और सेक्स के लिए लड़ रहे हैं। लोगों को अपनी मर्यादा में रहना चाहिए जिससे कि देश का विकास हो सके। देश का विकास तभी होता है जब वहां केलोग स्मार्ट बने।