गर्मी में अस्थमा पीड़ितों को एक चीज से बचने की जरूरत है। ऐसा नहीं करने पर अस्थमा अटैक हो सकता है। आइए जानते हैं आखिर ये चीज है क्या।
गर्मी में अस्थमा पीड़ित को सीधे एसी की हवा से बचना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर अस्थमा अटैक हो सकता हैं। फसल कटाई की वजह से हवा में मौजूद कणों और कुछ फूलों के पोलिनेशन की वजह से यह खतरा और बढ़ जाता है। यह बात सेक्टर-17 के एक निजी होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में पीजीआईएमईआर के श्वास रोग विशेषज्ञ (पुल्मोनोरी) डॉ. मीनू सिंह ने कही।
डॉ. मीनू का कहना है कि अप्रैल-मई के महीने में बदलाव के कारण अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। अप्रैल महीने के पैटर्न को देखें तो ओपीडी में औसतन हर दिन 40-50 मरीज आ रहे हैं। मई महीने में मरीजों की संख्या बढ़ने की प्रबल संभावना रहती है।
बच्चे भी इसके शिकार हो रहे हैं। औसतन 20-25 मामले बच्चों के आ रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को एहतियात बरतने की जरूरत है। बच्चों के मामले में अनावश्यक दवाई नहीं दी जानी चाहिए। इससे न्यूरो की समस्या के साथ व्यवहार में बदलाव आ जाता है। डॉक्टर की सलाह पर ही दवाई दें।
इस मौके पर मौजूद पीजीआईएमईआर के पूर्व एचओडी डॉ. एसके जिंदल ने बताया कि हवा में पार्टिकुलेट मैटर्स का बढ़ना, धूम्रपान, बचपन में सही उपचार नहीं होना, मौसम में बदलाव की वजह से कॉमन फ्लू जैसा वायरल इंफेक्शन होने पर लापरवाही बरतना अस्थमा के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि सावधानी बरतने के साथ इनहेलर लेने से इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है।