मृतक का अंतिम संस्कार करने की तैयारी चल रही थी, ऐन मौके पर कुछ ऐसा हो गया कि देखकर लोग हैरान रह गए, जानिए पूरा मामला।
घटना हरियाणा के यमुनानगर की है। मुखर्जी पार्क निवासी 38 वर्षीय विजय कुमार की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव ले गए, लेकिन ऐन मौके पर मृतक के पिता और दोनों पत्नियों की आपस में बहस हो गई। जैसे-तैसे लोगों ने समझाया और मृतक विजय को अंतिम विदाई दी गई।
मृतक के पिता फूल चन्द ने बताया कि उनके 38 वर्षीय बेटे विजय कुमार की शादी मेरठ निवासी बाला देवी के साथ हुई थी। उसके पास दो बच्चे हैं। लेकिन कुछ समय उसके बेटे ने सावित्री नामक महिला से शादी कर ली और वह सावित्री के साथ किराये के मकान में सेक्टर-18 हाउसिंग बोर्ड में रहता था। रविवार सुबह उसके बेटे की तबियत खराब हो गई। विजय को शहर के ट्रामा सेंटर लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
फूल चन्द ने बताया कि विजय उसके कहने-सुनने से बाहर था। इसलिए उसने अपने बेटे को आठ साल पहले बेदखल कर दिया था। विजय की पहली पत्नी बाला देवी उनके घर अपने बच्चों के साथ रहती थी और विजय हाउसिंग बोर्ड में दूसरी पत्नी के साथ रहता था। वहीं, उसकी दूसरी पत्नी सावित्री का कहना है कि उसने विजय कुमार से 1998 में शादी की थी। उसके पास तीन बच्चे भी हैं।
फूल चन्द ने बताया कि उसके बेटे की शादी पहले बालादेवी के साथ हुई थी। इस बात को लेकर उनकी काफी देर तक बहस होती रही। दूसरा मुद्दा था कि शव का अंतिम संस्कार कौन करेगा। काफी देर बहस होने के बाद जब बेदखल करने की बात सामने आई तो शव को आपसी सहमति से संस्कार के लिए हाउसिंग बोर्ड में रहने वाली उसकी पत्नी सावित्री को दे दिया गया।