डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के करीबी राकेश इंसां का कबूलनामा पढ़ेंगे तो बाबा और हनीप्रीत के कई सच पता चल जाएंगे, यहां पढ़िए।
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Ram Rahim
- फोटो : File Photo
25 अगस्त 2017 को पंचकूला में जो दंगे हुए थे, इसकी पूरी प्लानिंग डेरा सच्चा सौदा सिरसा में हुई थी। इसके बारे में राम रहीम पहले से ही जानता था। यह खुलासा किया डेरे की कोर कमेटी के सदस्य रहे राकेश इंसां ने। अपने कबूलनामे में गुरलीन उर्फ राकेश ने माना है कि पंचकूला को जलाने की साजिश राम रहीम के इशारे पर ही रची गई थी।
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हालांकि हिंसा मामले में अभी तक डेरामुखी को आरोपी नहीं बनाया गया है। पुलिस कमिश्नर एएस चावला का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। जैसे ही पुख्ता सबूत मिलेंगे, कार्रवाई की जाएगी। डेरा की कोर कमेटी का सदस्य गुरलीन उर्फ राकेश, डेरा प्रमुख और हनीप्रीत का बेहद करीबी रह चुका है। हिंसा के ठीक नौ महीने बाद शुक्रवार को आरोपी गुरलीन उर्फ राकेश की चार्जशीट अदालत को सौंपी गई।
गुरलीन ने अपने कबूलनामे में कहा है कि हिंसा के लिए बनाई गई योजना डेरा प्रमुख के इशारे पर ही बनी। इसी के तहत 17 अगस्त को सिरसा डेरे में बैठक हुई, जिसमें तय हुआ कि कैसे पंचकूला को जलाते हुए बाबा को फरार कराना है। बता दें कि 25 अगस्त 2017 को बाबा राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिया गया था। एफआईआर नंबर-345 में अब तक 32 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य अभी भी फरार चल रहे हैं।
राकेश ने बताया कि सब कुछ प्लानिंग के अनुसार डेरे में हुआ था। पंचकूला में भीड़ जमा करने के लिए भी पूरी प्लानिंग हुई थी। लोगों को लाने, खाने का इंतजाम करने के बारे में भी योजना बनाई गई थी। राकेश ने कबूल किया है कि बिना किसी डर और लालच के अपनी सहमति से 1990 में शाह सतनाम महाराज से नाम दान लिया था। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी डेरा सच्चा सौदा सिरसा से नाम दान ले रखा है।