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मारा गया ISI की गोद में बैठा रिंदा: बन चुका था आतंक का पर्याय, NIA व पंजाब पुलिस के लिए बना हुआ था सिरदर्द

Sat, 19 Nov 2022 09:30 PM IST
भूपेंद्र सिंह सुरिंदर पाल, संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sat, 19 Nov 2022 09:30 PM IST
सार

रिंदा वधावा सिंह का दहिना हाथ बन गया था। पाकिस्तान में बैठ कर पंजाब में गैंगस्टरों को आतंकवादी बना रहा था। सिद्दू मूसेवाला से लेकर मोहाली खुफिया एजेंसी के कार्यालय पर हमला और डेरा प्रेमी प्रदीप हत्याकांड, तार हरविंदर सिंह रिंदा से जुड़े रहे हैं।

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Terrorist Rinda death in Pakistan: Rinda become synonymous of terror
terrorist Rinda - फोटो : सोशल मीडिया

महाराष्ट्र के नांदेड़ इलाके में रहने वाला हरविंदर सिंह रिंदा की पाकिस्तान में मौत की खबर ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के साथ-साथ पंजाब पुलिस ने राहत की सांस ली है। इस्लामाबाद में आईएसआई की गोद में बैठे रिंदा ने पंजाब के नौजवानों व गैंगस्टरों को आतंकवाद की राह पर चलाना शुरू कर दिया था, जिससे पंजाब में लगातार हथियार से लेकर ड्रग आने लगी थी। सिद्दू मूसेवाला से लेकर मोहाली खुफिया एजेंसी के कार्यालय पर हमला और डेरा प्रेमी प्रदीप हत्याकांड, तार हरविंदर सिंह रिंदा से जुड़े रहे हैं। 



पंजाब के तरनतारन के रहने वाला हरविंदर सिंह रिंदा के पिता चरण सिंह संधू पेशे से  ट्रक ड्राइवर थे। पुलिस रेकार्ड के मुताबिक, वह 1976 ट्रक चलाने का काम करते थे और अपने बड़े लड़के सत्ता के साथ नांदेड़ आ गए। हरविंदर और उसका भाई सरबजोत सिंह का जन्म नांदेड़ में हुआ था। परिवार पहले नांदेड़ के शहिदपुरा इलाके में स्थित गुरुद्वारा के गेट नंबर-6 के पास किराए के घर पर रहता था लेकिन साल 2008 में उस घर की जमीन गुरुद्वारा के विस्तार की वजह से चली गई।

Terrorist Rinda death in Pakistan: Rinda become synonymous of terror
Harvinder Singh Rinda - फोटो : Amar Ujala
इसके बाद वो दूसरे किराए के घर पर चले गए और बाद में उसी घर को ख़रीद लिया जहां आज भी उनका परिवार रहता है। रिंदा ने अपनी पढ़ाई नांदेड़ के यूनिवर्सल इंग्लिश मीडियम स्कूल से की और रिंदा 2008 में रिंदा पंजाब के तरनतारन आ गया था जहां पर उसके चचेरे भाई के खेत को लेकर वहाँ के लोगों के साथ विवाद चल रहा था।

पुलिस में प्रोफाइल के मुताबिक, एक दिन रिंदा और उसका चचेरा भाई कहीं जा रहे थे तभी उनका झगड़ा खेत का विवाद जिस शख़्स से था उससे हो गया और उस झगड़े में उस शख़्स की मौत हो गई। यहीं से रिंदा की अपराधिक जीवन की शुरूआत हो गयी। रिंदा को हत्या के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया और दिसंबर 2015 में रिंदा पेरोल पर जेल से बाहर आया था  अपने क्लासमेट आकाश गाड़ीवाले के साथ रहने लगा था।

नांदेड़ में रिंदा का रोशनसिंह माली नाम के शख़्स के साथ झगड़ा हुआ था और फिर माली ने रिंदा को मारने की सुपारी गुरमीत सिंह नाम के शख़्स को दी इस विवाद को सुलझाने के बहुत कोशिश की पर उसी साल फ़ायरिंग में रिंदा के भाई सुरेंद्र सिंह की मौत हो गई जिसका बदला लेने के लिए रिंदा ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर गुरमीत सिंह के भाई दिलबाग सिंह राजा सिंह का किड्नैप किया और उसे पंजाब ले जाकर 23 फ़रवरी 2016 को मार दिया था।

बटाला पुलिस ने  रिंदा के रख़लाफ़ 302 के तहत मामला दर्ज किया।19 अगस्त 2016 में रिंदा ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर उसको मारने की सुपारी निकालने वाले रोशन सिंह माली के भाई बचित्तर माली की हत्या कर दी। इस मामले में उसके रख़लाफ़ नांदेड़ के विमानतल पुलिस स्टेशन में हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज हुआ।

जिस शख़्स ने रिंदा के भाई सुरेंद्र सिंह को घर से बाहर बुलाया था उस शख़्स का नाम अवतार सिंह था। 21 अगस्त 2016 को अपने एक साथी की मदद से रिंदा ने अवतार सिंह की हत्या कर दी जिस मामले में वजीराबाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। 
Terrorist Rinda death in Pakistan: Rinda become synonymous of terror
हरविंद्र सिंह रिंदा - फोटो : फाइल फोटो

रिंदा का क्राइम रेकार्ड पुलिस ने तैयार किया तो उसमें रिंदा पर 2014 में पटियाला सेंट्रल जेल के अधिकारियों पर हमला,अप्रैल 2016 में चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष पर गोलियां और अप्रैल 2017 में रिंदा पर होशियारपुर सरपंच की हत्या का भी आरोप लगा था। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक रिंदा पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में पढ़ने भी आया था।

इस दौरान छात्र राजनीति में काफी सक्रिय हुआ और उसका एक मजबूत आधार स्टूडेंट्स के बीच बन गया था। चंडीगढ़ में एसएचओ व एसओआई के अध्यक्ष पर फायरिंग की घटना के बाद रिंदा  फरार रहने लगा था। चंडीगढ़ में मर्डर, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के मामलों में हरविंदर सिंह के साथ दिलप्रीत सिंह बाबा और हरजिंदर सिंह भी शामिल रहे हालांकि अप्रैल 2018 में मोहाली में प्रसिद्ध सिंगर परमीश वर्मा पर हुए हमले के बाद दिलप्रीत बाबा और रिंदा के रास्ते अलग हो गए। पंजाब पुलिस ने रिंदा को 2017 में पकड़ने की कोशिश की थी, वह बैंगलूरू के होटल में था लेकिन फरार हो गया।

कई राज्याें की पुलिस को थी तलाश
रिंदा को कई राज्यों की पुलिस खोज रही थी और उसने नकली पासपोर्ट तैयार करवाकर नेपाल का रास्ता अपनाते हुए पाकिस्तान में एंट्री कर ली। रिंदा कब पाकिस्तान पहुंच गया, किसी को खबर तक नहीं लगी। लेकिन  केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक रिंदा ने 2020 में पाकिस्तान में एंट्री की थी। पाक पहुंचने से पहले रिंदा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व यूपी में रिंदा एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर चुका था।

रिंदा का नाम अचानक चार साल बाद फिर नजर आया, जब जगजीत सिंह को जून 2021 में 48  पिस्टल, 200 कारतूस के साथ पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पिछले साल 7 नवंबर को नवांशहर में क्राइम इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी बिल्डिंग में हैंड-ग्रेनेड से हमला हुआ था, इसका आरोप भी रिंदा पर लगा था। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को जानकारी दी कि उन्हें 2-3 लाख रुपये एक आतंकी साजिश को अंजाम देने या हथियारों की सप्लाई के लिए दिए जाते हैं।

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मोहाली ब्लास्ट- हरविंदर सिंह रिंदा - फोटो : Amar Ujala

मोहाली इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर हमला

हरियाणा के करनाल में  5 मई को इन संदिग्धों के पास से 7.5 किलोग्राम आरडीएक्स बरामद हुआ था, चार आतंकी गिरफ्तार हुए और खुलासा हुआ कि ड्रोन से हथियार व आरडीएक्स रिंदा ने भेजे थे। एजेंसियों ने छानबीन की तो पता चला कि रिंदा पाकिस्तान में बब्बर खालसा की कमांड संभालकर आईएसआई का चहेता बन गया है। मोहाली में इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर हमला हो गया। खुलासा हुआ कि रॉकेट लॉन्चर रिंदा ने भेजा था।

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Terrorist Rinda death in Pakistan: Rinda become synonymous of terror
सिद्धू मूसेवाला - फोटो : सोशल मीडिया

सिद्धू मूसेवाला की हत्या हो गई, जिसमें इस्तेमाल हथियार भी पाकिस्तान से रिंदा ने भेजे थे। लुधियाना अदालत परिसर में ब्लास्ट की छानबीन में रिंदा ही मुख्य सरगना के तौर पर सामने आया। आला अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पंजाब में पिछले एक साल में जितनी भी खेप हथियारों की बरामद हो रही हैं या आतंकवादी घटनाएं हुई हैं, उसमें अप्रत्यक्ष रुप से रिंदा का ही हाथ है। जो पाकिस्तान में बैठकर ड्रोन के जरिए हथियारों को पंजाब पहुंचा रहा था और ऐसे मामलों की संख्या 40 के करीब है।

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