फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सुसाइड नोट मिलने से सवालों के घेरे में आई सगी बहनों की सुसाइड

Wed, 06 Apr 2016 11:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद Updated Wed, 06 Apr 2016 11:11 AM IST
विज्ञापन
sisters suicide, bhoona sisters suicide, suicide note, fatehabad suicide, fatehabad
सवालों के घेरे में आई सुसाइड - फोटो : amarujala
फतेहाबाद के भूना कस्बे में दो सगी बहनों का खुद को गोली मारकर सुसाइड करने का मामला एक दिन बाद सुसाइड नोट मिलने से गरमा गया है।

सुसाइड नोट मिलने से सवालों के घेरे में आई सगी बहनों की सुसाइड

sisters suicide, bhoona sisters suicide, suicide note, fatehabad suicide, fatehabad
बहनों ने की खुदकुशी
बीते दिन सोमवार को भूना के प्रसिद्ध व्यापारी महेश रहेजा की दो जवान बेटियों ने आत्महत्या कर ली थी। बुधवार को एक सुसाइड नोट परिजनों ने पुलिस को सौंपा है। दावा किया जा रहा है कि इसे बड़ी बहन कोमल ने लिखा है, जिसमें सुसाइड का कारण कैरियर में कामयाबी न मिलना बताया है।

सुसाइड नोट मिलने से सवालों के घेरे में आई सगी बहनों की सुसाइड

sisters suicide, bhoona sisters suicide, suicide note, fatehabad suicide, fatehabad
बहनों ने की खुदकुशी
एक दिन बाद सामने आए सुसाइड नोट पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का कहना है कि उन्हें नोट रिवाल्वर के पास से मिला था। मामले की जांच कर रहे पुलिस इंस्पेक्टर रघुवीर सिंह का कहना है कि वहां कोई सुसाइड नोट नहीं था। अगर था भी तो परिजनों ने सोमवार को ही क्यों नहीं दिया, एक दिन बाद क्यों?
विज्ञापन
विज्ञापन

सुसाइड नोट मिलने से सवालों के घेरे में आई सगी बहनों की सुसाइड

sisters suicide, bhoona sisters suicide, suicide note, fatehabad suicide, fatehabad
बहनों ने की खुदकुशी
लाल स्याही में लिखे नोट में लिखा है, ''लाइफ में जो सपने लिए थे पूरे नहीं हुए। मैं कुछ बनना चाहती थी, जो मेरी जिंदगी में पूरे नहीं हुए। मैं घर में कैद बनकर रह गई। इसलिए मैं अपनी जिंदगी डेड कर रही हूं। सुसाइड में किसी का रोल नहीं। इसके लिए मैं खुद जिम्मेदार हूं। 
विज्ञापन

सुसाइड नोट मिलने से सवालों के घेरे में आई सगी बहनों की सुसाइड

sisters suicide, bhoona sisters suicide, suicide note, fatehabad suicide, fatehabad
पुलिस अधीक्षक ओपी नरवाल, एएसपी गंगाराम पूनिया - फोटो : amarujala
गौरतलब है कि हिसार में बीटेक कर रहा महेश का बेटा हार्दिक दोपहर को घर पहुंचा तो उसने दोनों बहनों 27 वर्षीय कोमल और 25 वर्षीय शिल्पा को कमरे में खून से लथपथ देखा। उनकी कनपटी पर गोली लगी थी। बदहवास हार्दिक ने पिता को सूचना दी और पड़ोसियों को बुलाया। मौके पर पहुंचे महेश रहेजा ने जब दोनों बेटियों को संभाला तो कोमल की सांसें चल रही थीं लेकिन एंबुलेंस बुलाकर उसे ले जाया जाता तब तक उसने दम तोड़ दिया। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed