सोनीपत के गांव हलालपुर स्थित सुशील कुमार कुश्ती अकादमी में महिला पहलवान निशा और उसके भाई सूरज की हत्या करने के आरोपी कोच और उसके साथी की गिरफ्तारी के बाद हलालपुर के लोग खुश हैं। हालांकि उनका गुस्सा अभी कम नहीं हुआ है। वह आरोपियों को कड़ी सजा दिए जाने के पक्ष में हैं। ग्रामीणों के बीच गुरु और शिष्या के रिश्ते को लेकर चर्चा है। उनका कहना है कि एक गुरु हमेशा ही यह चाहता है कि उसके शिष्य आगे बढ़ें और अपना व खुद उसका नाम रोशन करें, लेकिन एक गुरु ही जब शिष्या की जान ले ले तो वह गुरु कहलाने के लायक नहीं रहता।
ग्रामीणों का कहना है कि कुश्ती कोच होने के साथ ही पवन गांव का दामाद था। उसके मान-सम्मान में गांव के लोग कोई कसर नहीं छोड़ते थे, लेकिन जिस प्रकार से उसने वारदात को अंजाम दिया है, वह गुरु ही नहीं, बल्कि इंसानियत के रिश्ते को भी शर्मसार करने वाला है। वहीं दो जवान बच्चों को खोने वाले दयानंद गमगीन हैं। बार बार वे एक ही अफसोस जता रहे हैं।
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निशा और सूरज।
- फोटो : फाइल
पहलवान निशा के पिता दयानंद को अफसोस है कि बेटी को जिस प्रकार से आरोपी तंग करता था, उसके बारे में उन्हें वारदात के बाद घर पहुंचने पर पता चला। दयानंद का कहना है कि उनकी पत्नी ने उन्हें जानकारी नहीं दी, बस यही गलती रह गई। अगर उन्हें पहले इस बात का पता चल जाता तो वह जरूर इसको लेकर ठोस कदम उठाते, जिससे उनके बच्चों की जान बच जाती।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
श्रीनगर सीआरपीएफ में बतौर सब इंस्पेक्टर तैनात दयानंद का कहना है कि आरोपी कोच ने उसकी बेटी निशा का पूरी तरह से ब्रेनवॉश कर रखा था, जिसके चलते वह उसकी हर बात मानती थी। वह पवन के खिलाफ अपने परिजनों से एक शब्द भी सुनने को तैयार नहीं होती थी। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने निशा के माध्यम से उनसे 8 से 10 लाख रुपये भी ले लिए थे।
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मुख्य आरोपी की पत्नी और साला गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला
हत्या के आरोपी कोच पवन और सचिन को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली के द्वारका इलाके से पकड़ा था। दोनों पर सोनीपत पुलिस की ओर से 1 लाख का इनाम रखा गया था। इससे पहले मुख्य आरोपी की पत्नी और साले को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
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हत्या के बाद जलाई गई अकादमी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दस अक्तूबर की दोपहर हलालपुर कुश्ती अकादमी में महिला पहलवान निशा दहिया व उसके भाई सूरज की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। निशा को अकादमी में गोलियां मारी गई थीं, वहीं घटनास्थल से भागे सूरज को नाहरी रोड पर नहर के पास गोलियां मारी थीं। उनकी मां धनपति को भी अकादमी के गेट पर गोली मारकर घायल किया गया था।