नाभा जेल ब्रेक कांड में पकड़े गए चौथे आरोपी ने बड़ा खुलासा किया है। जेल ब्रेक के दौरान किसी के कदम न डगमगाएं उसके लिए बड़ी प्लैनिंग की गई थी। पढ़िए नाभा जेल ब्रेक की अनकही-अनसुनी कहानी...
गैंगस्टरों ने जेल के भीतर बने गुरुद्वारा साहिब में सौगंध खाकर नाभा जेल ब्रेक कांड को अंजाम दिया था। कसम खाई गई थी कि जेल से भागने के ऑपरेशन के दौरान किसी के कदम न डगमगाएं। यह खुलासा अमन ढोटिया ने जालंधर पुलिस कस्टडी में किया।
अमन ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि 27 नवंबर को सुबह रुटीन की तरह कैदियों की बंदी छूटी। सेखों असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट भीम सिंह के दफ्तर गया। दोनों में 15 मिनट बात हुई। इसके बाद भीम ने ऑर्डर दिया कि सेखों और उसके साथियों से कोई मिलने आ रहा है, उन्हें दियोड़ी में आने दिया जाए।
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नाभा जेल ब्रेक
- फोटो : अमर उजाला
सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर गुरप्रीत सेखों, कुलप्रीत नीटा दयोल, विक्की गौंडर, अमन, आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू और कश्मीर सिंह जेल की दियोड़ी में आ गए और इंतजार करने लगे। पूरे नौ बजे पलविंदर पिंदा, प्रेमा लाहौरिया और उसके साथी पुलिस की वर्दी में आए और दियोड़ी का दरवाजा खुलवाया। प्रेमा ने रिवाल्वर जेल के दरवाजे के नीचे से अंदर फेंका तो अमन ने उठा लिया।
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उसी रिवाल्वर का इस्तेमाल कर ताला तोड़ दिया और सभी लोग एक साथ हो गए। अमन ढोटिया ने बताया कि उसकी जिम्मेदारी संतरी की जेब से चाबी निकालने की थी, लेकिन अमन को चाबी नहीं मिली। फिर उसने रिवाल्वर की मदद से ताला तोड़ दिया। इसके बाद वे पहले पानीपत गए और वहां से वे जयपुर और फिर बीकानेर गए। वह बीकानेर में उनसे अलग हो गया था।