पांच साल से जिस प्रमोशन का इंतजार नीरज सिंघल कर रहे थे वह पांच दिन पहले एक दर्दनाक हादसे के साथ खत्म हो गया।
दरअसल चंडीगढ़ में राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) के अधिकारी नीरज सिंघल की प्रमोशन पिछले पांच साल से सरकारी फाइलों में अटकी हुई थी। अब पांच दिन बाद रिव्यू कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर उनकी प्रमोशन तय मानी जा रही थी, लेकिन एक दर्दनाक सड़क हादसा इस इंतजार के साथ तीन जिंदगियों को भी खत्म कर देगा, इसका अंदाजा सिंघल परिवार को नहीं होगा।
घटना के बाद सिंघल परिवार गहरे सदमे में है। हालांकि पिछले दो महीने के दौरान सिंघल परिवार को खुशी के दो समाचार भी मिले। पहला समाचार अप्रैल 2017 को नीरज सिंघल की प्रमोशन का मिला। इस प्रमोशन के लिए दिल्ली में 27 अप्रैल रिव्यू कमेटी बैठाई गई थी, जिसमें वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये रिव्यू हुआ था।
इसके बाद दूसरी खुशी जून में सीबीएसई के परीक्षा परिणाम में नीरज सिंघल के बड़े पुत्र नवल सिंघल की प्रतिभा की बदौलत मिली थी। 10वीं की परीक्षा में अव्वल आने पर नवल सिंघल सुर्खियों में आए थे। अब पांच दिन बाद नीरज सिंघल को अपनी प्रमोशन का इंतजार था।
सिंघल परिवार उत्तर प्रदेश में संघ पृष्ठभूमि से संबंधित बताया गया है। संघ के एक वरिष्ठ नेता ने कुरुक्षेत्र के कार्यकर्ताओं के सहयोग के लिए घटनास्थल पर पहुंचने को कहा था।