पंजाब में 'जंगलराज' आ गया है, लुटेरे इतने बेखौफ हो गए हैं कि अब वो दिनदहाड़े वारदातें अंजाम देने से भी नहीं डरते। यकीं न हो तो ये मामला देखिए...
घटना पंजाब के लुधियाना की है, जहां डुगरी फेस 2 इलाके में शुक्रवार दोपहर लूट का विरोध करने पर फाइनेंसर सुनील गुप्ता (50) और उनकी पत्नी नीलम गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दो लुटेरे फरार हो गए, जबकि उनका एक साथी ऊपर फंस गया। भागने के चक्कर में उसने पहली मंजिल से छलांग लगा दी। लेकिन पैर में चोट लगने के कारण लोगों ने उसको दबोच लिया।
सुनील गुप्ता फाइनांस का काम करते थे। उन्होंने घर के साथ ही दफ्तर बना रखा था। दफ्तर के लिए एक रास्ता घर के भीतर से भी जाता है। शुक्रवार दोपहर में सुनील गुप्ता अपने दफ्तर में बैठे हुए थे। इसी दौरान हथियारों से लैस दो युवक दफ्तर में घुस गए और एक बाहर खड़ा रहा।
दोनों युवकों ने फाइनेंशर को लूटने की कोशिश की तो उन्होंने विरोध किया। इस पर एक लुटेरे ने सुनील गुप्ता के सिर में गोली मार दी। इसके बाद दोनों युवक पहली मंजिल पर पहुंच गए और फाइनेंसर की पत्नी नीलम को बंधक बना लिया। नीलम ने जब उनका विरोध किया तो लुटेरों ने उनको भी गोली मार दी। लुटेरों ने अलमारी तोड़ने की कोशिश भी की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। इसके बाद एक बदमाश नीचे आ गया।
इस वारदात के दौरान फाइनेंसर का बेटा राहुल कहीं बाहर गया हुआ था। इसी दौरान वह दफ्तर की तरफ आया। हथियार से लैस लुटेरे को देखकर उसने शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। लोगों को आते देख दो लुटेरे फरार हो गए, जबकि तीसरे युवक ने पहली मंजिल से छलांग लगा दी। लेकिन पैर में चोट आने के कारण वह भाग नहीं पाया और लोगों ने उसे दबोच लिया। जब लोग दफ्तर में गए तो सुनील गुप्ता की मौत हो चुकी थी और पहली मंजिल पर नीलम गुप्ता घायल पड़ी थीं। उनको तुरंत डीएमसी अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।