एक 10 साल की बच्ची को उसके मामा ने ही बार-बार अपनी हवस का शिकार बनाया। वह गर्भवती हो गई और फिर... पढ़िए झकझोर देने वाली कहानी।
2 of 9
10 साल की रेप पीड़िता मां बनी
वो मासूम सी थी। आम बच्चों की तरह उसका बचपन भी गुड़ियों-खिलौनों संग बीत रहा था। कंधे पर बस्ता टांगे बच्चों संग स्कूल जाती। लौटकर मोहल्ले में खेलने निकल जाती। दिन ढल जाता तो आकर मां के दामन में दुबक जाती। सब कुछ सामान्य चल रहा था। तभी...
एक दिन उसके अपने मामा की वहशी नजरें उसे लग गईं। उसने मासूम बचपन को अपनी हवस की आग में जला दिया। अबोध बच्ची को तो पता तक नहीं था कि उसका अपना मामा उसके साथ कैसा अत्याचार कर रहा है। माता पिता को सपने तक में गुमान नहीं था कि उनकी बेटी कैसी यातना से गुजर रही है।
दो जून की रोटी कमाने में व्यस्त गरीब माता पिता उसे आरोपी कुलबहादुर के पास छोड़ देते थे। कुलबहादुर ने न केवल भरोसे का कत्ल किया बल्कि रिश्तों की मर्यादा को भी तार तार कर दिया। माता पिता को जब पता चला तब तक समय हाथ से निकल चुका था।
मामला अदालत की चौखट तक पहुंचा लेकिन डॉक्टरों ने रिपोर्ट दी कि बच्ची का अबॉर्शन नहीं हो सकता। गर्भ में हरकत होती बच्ची बेचैन हो जाती। मां से सवाल करती लेकिन मां उसे तरह तरह से बहलाने की कोशिश करती।