हरियाणा के सिरसा जिले में स्थित श्रीजीवननगर डेरे में सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच नामधारी गुरुमाता चंद कौर की अंतिम अरदास की गई।
पुलिस के कड़े पहरे में हुई गुरुमाता चंद कौर की अंतिम अरदास
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गुरुमाता चंद कौर की अंतिम अरदास
- फोटो : फाइल फोटो
इस मौके पर हजारों की संख्या में नामधारी समुदाय के लोग गुरुमाता को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। दूसरे गुट के विरोध के चलते विवाद की आशंका को देखते हुए जिले के आला अधिकारी और कई जिलों का पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात रही।
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वहीं, विरोधी गुट के लोग भी प्रशासन की सख्ती के चलते डेरा मस्तानगढ़ तक ही सीमित रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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गौरतलब है कि चार अप्रैल को लुधियाना के भैणी साहिब में मोटरसाइकिल सवार हत्यारों ने नामधारी समुदाय की गुरु माता चांद कौर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गुरु माता की अंतिम अरदास के लिए सतगुरु उदय सिंह महाराज ने 10 अप्रेल को भैणी साहिब में कार्यक्रम रखा है।
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सतगुरु उदय सिंह के बड़े भाई ठाकुर दलीप सिंह ने इस आयोजन से एक दिन पहले नौ अप्रेल को जीवननगर स्थित गुरुद्वारे में अंतिम अरदास कार्यक्रम की घोषणा कर दी। इस घोषणा से दूसरे गुट के लोग सकते में आ गए और उन्होंने जीवननगर में होने वाले कार्यक्रम को रद करवाने के लिए जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया।