देखिए, फांसी के बाद अब कहां हैं शहीद भगत सिंह?
बहुत कम लोग जानते हैं कि शहीदे आजम भगत सिंह का मरने के बाद क्या हुआ? इसके तमाम सुबूत पाकिस्तान बॉडर पर मिलेंगे, देखिए, तस्वीरें। -सभी फोटो- विजय जैन
देखिए, फांसी के बाद अब कहां हैं शहीद भगत सिंह?
भारत-पाक बॉर्डर पर बने समाधि स्थल पर लगे बोर्ड पर ये सारी जानकारी अंकित है। इसमें बताया गया है कि फांसी के बाद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के शवों के साथ अंग्रेज किस बेरहमी से पेश आए।
देखिए, फांसी के बाद अब कहां हैं शहीद भगत सिंह?
फिरोजपुर शहर से 10 किलोमीटर दूरी पर बने हुसैनीवाला बार्डर पर ये वही जगह है जो कुछ साल पहले पाकिस्तान के कब्जे में थी। यहां पर शहीद भगत सिंह के अलावा सुखदेव, राजगुरु और बटुकेश्वर दत्त जैसे आज़ादी के दीवानों की समाधि है।
देखिए, फांसी के बाद अब कहां हैं शहीद भगत सिंह?
यहां पर वह पुरानी जेल भी है, जहां भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव लाहौर जेल में शिफ्ट करने से पहले रखा गया था। स्मारक स्थल पर लगे बोर्ड के मुताबिक अंग्रेज पुलिस अधिकारी सांड्रस की हत्या के दोष में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी की सजा सुनाई गई तो इसके विरोध में पूरा लाहौर बगावत के लिए उठ खड़ा हुआ।
देखिए, फांसी के बाद अब कहां हैं शहीद भगत सिंह?
डरी हुई ब्रिटिश सरकार ने निश्चित तारीख से एक दिन पहले 23 मार्च 1931 को शाम 7 बजे तीनों को फांसी दे दी। उसके बाद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शवों के टुकड़े-टुकड़े कर अंग्रेज उन्हें लाहौर जेल की पिछली दीवार तोड़कर सतलुज दरिया के किनारे लाए और रात के अंधेरे में यहां बिना रीति रिवाज के जला दिया।