आइए आपको मिलाते हैं, उन जांबाज वीरांगनाओं से, जो अंतिम बाधा पार कर बीएसएफ का हिस्सा बन गए। जानिए, संघर्ष की कहानी।
सहायक सिखलाई केंद्र सीमा सुरक्षा बल खड़कां में बैच नंबर 244 और 245 के ट्रेनिंग लेने वालीं 315 महिला कांस्टेबलों की पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। इस मौके पर डायरेक्टर जनरल सीमा सुरक्षा बल केके शर्मा मुख्य मेहमान के तौर पर शामिल हुए और परेड का निरीक्षण करने के बाद प्रभावशाली परेड से सलामी ली।
केके शर्मा ने सहायक सिखलाई केंद्र सीमा सुरक्षा बल खड़कां के अधिकारियों और ट्रैनिंग स्टाफ की प्रशंसा की। उन्होंने पासिंग आउट परेड में ट्रेनिंग प्राप्त कर चुकी महिला नवआरक्षकों को बधाई दी। इंस्पेक्टर जनरल, एसटीसी खड़कां पीएस बैंस ने बताया कि 44 सप्ताह की सख्त ट्रेनिंग के दौरान इन 315 नवमहिला आरक्षकों ने हथियार चलाना, लड़ाई के ढंग, ड्रिल, देश की सीमाओं पर निगरानी, कुदरती आफतों, फस्ट एड और अधिकारों संबंधी सिखलाई हासिल की है।
सिखलाई के दौरान अलग-अलग विषयों में महारत हासिल करने वाले नवमहिला आरक्षकों को पदक प्रदान किए गए। इस दौरान बीएसएफ की सीमा भवानी ग्रुप की ओर से मोटरसाइकिल स्टंट, बुल फाइटिंग, सीमा प्रहरी सेल्यूट और बैक राइडिंग का मनमोहक दृष्य प्रस्तुत किया गया। इस दौरान एसएसपी जे ऐलनचेलीयन भी विशेष तौर पर मौजूद थे।
अव्वल रहकर पदक पाने वाली नवारक्षक
बैच नंबर 244 में ओवर आल पहले स्थान पर रचना परमार, ओवर आल दूसरे स्थान पर अकशी कुमारी, बेस्ट इन एंड्यूरेंस में जाबा सिंघा महापात्रा, बेस्ट इन शूटिंग ड्रिल में रीना मालवीय और बेस्ट इन ड्रिल में श्वेता कुमारी आगे रही। बैच नंबर 245 में ओवरआल पहले स्थान पर मोनू लोवंशी, ओवर आल दूसरे स्थान पर प्राची तिवाड़ी, बेस्ट इन एंड्यूरेंस में बी.वैंकटा बंगारुपवानी, बेस्ट इन शूटिंग ड्रिल में रुमा पोल और बेस्ट इन ड्रिल में सलमा जहान।