सोमवार को रक्षाबंधन है, 12 साल बाद रक्षाबंधन पर एक खास संयोग बन रहा है। यह भाई-बहनों के लिए बेहद खास है, देखिए
दरअसल, 12 साल बाद फिर चंद्रग्रहण और रक्षाबंधन एक दिन पड़ेगा। सात अगस्त सोमवार को राखी के दिन ही पहले भद्रा का असर रहेगा और बाद में सूतक लग जाएगा।
दोनों अवस्थाओं में कोई भी शुभकार्य नहीं किया जाता। ऐसे में बहनें भद्रा और सूतक के बीच में भाइयों को राखी बांध सकती हैं। इस तरह रक्षाबंधन मनाने का शुभ मुहूर्त 11.05 बजे से दोपहर 1.53 बजे तक ही है।
श्रीगंगाधाम मंदिर के पंडित निरंजन पाराशर का कहना है कि, इस साल रक्षाबंधन के दिन चंद्रग्रहण लगने के कारण राखी बांधने का कुछ समय निश्चित किया गया है। इसमें ही बहनों को भाइयों को राखी बांधना चाहिए। पाराशर ने बताया कि चंद्रग्रहण सोमवार रात 10:53 बजे से शुरू होगा।
चंद्रग्रहण से नौ घंटे पहले यानी सोमवार दोपहर 1:53 बजे से सूतक लग जाएगा। इससे पहले सोमवार सुबह 11:04 बजे तक भद्रा काल का असर रहेगा। सूतक और भद्रा दोनों में ही शुभ कार्य करना वर्जित है। इसलिए इन दोनों के बीच का समय ही राखी बांधने के लिए शुभ है।