आखिर ऐसा क्या हुआ कि आसाराम बापू का 'खास' महेंद्र चावला उनके ही खिलाफ गवाह बन गया। जानिए कौन है और इनके बारे में सब कुछ।
आसाराम व इसके पुत्र नारायण साईं के खिलाफ चल रहे केसों में अहम गवाह पानीपत के गांव सनौली निवासी महेंद्र चावला ने एक बार फिर दोनों से अपनी व अपने परिवार की जान को खतरा बताया है। हालांकि उनको हरियाणा पुलिस सुरक्षा दे रखी है। लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं है। उन्होंने राज्य व केंद्र सरकार से केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल की सुरक्षा की मांग की है।
बता दें कि साल 2014 में महेंद्र चावला पर गांव सनौली में दो बदमाशों ने जानलेवा हमला किया था। हमलावरों ने एक के बाद एक दो गोलियां महेंद्र को मारी थी। महेंद्र ने हमलावरों का डट कर मुकाबला किया था और दीवार फांद कर जान बचाई थी। चावला ने मंगलवार को कहा कि अदालत को किशोरी का यौन शोषण करने के अपराधी आसाराम को फांसी की सजा सुनानी चाहिए। आसाराम व उसका पुत्र संत नहीं दरिंदे हैं।
चावला कहते हैं कि दोनों पाखंडी है और धर्म की आड़ लेकर जनता को बेवकूफ बना रहे थे। वे दोनों के काफी करीब रहे हैं। वे उन्हें संत समझ कर उनकी शरण में आत्मशांति के लिए गए थे। लेकिन जब दोनों का जीवन करीब से देखा तो पता चला कि दोनों संत नहीं दरिंदे हैं। उन्होंने अदालत से आसाराम को फांसी दिए जाने की मांग करते हुए कहा कि उनको फांसी की सजा मिलने से बच्चियों के साथ दरिंदगी करने वालों के लिए कठोर संदेश जाएगा।
पानीपत जिले के सनौली खुर्द निवासी किशोरीलाल चावला के तीसरे नंबर के लड़के महेंद्र चावला 12वीं पास हैं और आसाराम बापू और नारायण साईं के रेप केस में प्रमुख गवाह है। महेंद्र 12वीं करने के बाद 1996 में आसाराम बापू की शरण में चला गया था। वह पहले अहमदाबाद व फिर सूरत आश्रम में पहुंचा। कुछ ही सालों में बापू के दिल में अपार जगह बना ली और बापू ने भी उसको अपना राजदार बना लिया।