आखिरकार अरविंद केजरीवाल को पंजाब की याद आ ही गई। केजरीवाल पंजाब के दौरे पर पहुंचे तो विरोध का सामना भी करना पड़ा, देखिए
आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि पंजाब विधान सभा चुनाव 2017 में आम आदमी पार्टी ने सत्ता पर काबिज अकाली-भाजपा गठबंधन को करारी हार दी है। पंजाब में अकाली-भाजपा हारे हैं और आम आदमी पार्टी ने बीस सीटें पहली बार ही चुनाव लड़कर जीती हैं। गल्तियां पार्टी से हुई हैं, मंथन हो रहा है।
केजरीवाल ने कहा कि पार्टी संगठन में फेरबदल करने जा रही है, शुरूआत गुरू नगरी अमृतसर से हो रही है। अब पार्टी में सबसे शक्तिशाली वार्ड प्रधान होगा, पार्टी का फरमान दिल्ली से नहीं बल्कि गांव के बूथ प्रधान से जारी होगा।
पंजाब विधान सभा चुनावों के बाद पहली बार श्री हरमंदिर साहिब में पंजाब में 20 सीटों पर शानदार जीत और पंजाब विधान सभा में विपक्ष की जिम्मेदारी मिलने पर शुकराना करने पहुंचे थे। श्री हरमंदिर साहिब में अरदास के बाद उन्होंने अमृतसर-लाहौर रोड पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को संबोधित किया। मीडिया से दूरी बनाए रखी और मंच से कैप्टन सरकार के साथ-साथ पूर्व अकाली-भाजपा गठबंधन को जमकर कोसा।
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में बारहवीं कक्षा में सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 88 प्रतिशत और प्राइवेट स्कूलों का रिजल्ट 79 प्रतिशत आया है। पंजाब में तो कई स्कूलों का रिजल्ट 0 है। हरसिमरत कौर बादल को नैतिकता के तौर पर इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उनके गृह जिले में जीरो प्रतिशत रिजल्ट है और वह बेटियां फेल हुई हैं, जिन्हें हरसिमरत कौर बादल ने नन्हीं छांव के तौर पर प्रमोट किया था।