भारतीय वायुसेना के सबसे वरिष्ठ और 5 स्टार रैंक तक पहुंचे इकलौते मार्शल अर्जन सिंह का निधन हो गया है। देखिए उनके बारे में 10 खास बातें...
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अर्जन सिंह से मिलने अस्पताल पहुंचे पीएम मोदी
- फोटो : INDIAN AIR FORCE
अर्जन सिंह को शनिवार सुबह दिल का दौरा पड़ने के कारण दिल्ली के आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर शाम करीब 7:47 मिनट पर अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। 98 वर्षीय सिंह पांच स्टार पाने वाले भारतीय वायु सेना के एकमात्र अधिकारी थे।
अर्जन सिंह भारतीय वायु सेना के एकमात्र ऐसे अधिकारी हैं, जिन्हें साल 2002 में फील्ड मार्शल के बराबर फाइव स्टार रैंक देकर प्रमोशन दिया गया था। बता दें कि 1 अगस्त 1964 से 15 जुलाई 1969 तक वह वायुसेनाध्यक्ष थे और 1965 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।
अपने करियर में अर्जन सिंह ने 60 अलग-अलग तरह के विमान उड़ाए थे। 1969 में सेवानिवृत्ति के वक्त भी उड़ान भरने का उनका जोश खत्म नहीं हुआ था। जब वह चीफ ऑफ एयर स्टाफ थे उस वक्त IAF में सुपरसॉनिक फाइटर्स, टैक्टिकल ट्रांसपॉर्ट एयरक्राफ्ट और असॉल्ट हेलिकॉप्टर्स को शामिल किया था।
अर्जन सिंह को कोर्ट मार्शल का सामना करना पड़ा जब उन्होंने फरवरी 1945 में केरल के एक घर के ऊपर बहुत नीची उड़ान भरी, उन्होंने ये कहते हुए अपना बचाव किया कि ट्रेनिंग पायलट का मनोबल बढ़ाने के लिए ऐसा किया। आपको बता दें कि कहा जाता है कि यह ट्रेनी पायलट कोई और नहीं आगे चलकर एयर चीफ मार्शल बनने वाले एयर चीफ मार्शल दिलबाग सिंह थे।