पंजाब के अमृतसर में हुआ रेल हादसा अपने पीछे एक दर्दनाक और भयावह तस्वीर छोड़ गया है। कई परिवार उजड़ गए हैं तो कईयों की जिंदगी तबाह हो गई है। ऐसी ही एक दर्दनाक और दिल को झकझोर देने वाली कहानी सामने आई है प्रीति की। इस हादसे में प्रीति का सबकुछ कुछ लूट गया।
यूपी के सुल्तानपुर की रहने वाली प्रीति ऐसी अभागीन है, जिसका सबकुछ लुट गया और 24 घंटे बाद भी उसको कुछ इसलिए नहीं बताया गया है कि कहीं वह कुछ कर न बैठे। उसका पति दिनेश, बेटा अभिषेक, मां शिवपतिनम समेत छह रिश्तेदार मौत का ग्रास बन गए हैं। खुद अस्पताल में दाखिल है, बाकी बहन के दो बच्चों का कुछ पता नहीं है।
शनिवार को गुरूनानक अस्पताल में सर्जिकल वार्ड की दूसरी मंजिल पर दाखिल प्रीति की देखभाल करने के लिए उसके जान पहचान वाले ही खड़े हुए थे। परिवार का कोई सदस्य नहीं था। उनके परिवार के निकटवर्ती धरमिंदर कहने लगा कि भाजी इसको कुछ पता नहीं है, अभी बताना नहीं यह भी मर जाएगी। प्रीति गुमसुम आंखों से सिर्फ छत को घूर रही थी, गोद में उसका छोटा बेटा आरूष ही बचा है।
वह मां के साथ बिस्तर पर खेल रहा था, उस मासूम को क्या पता कि उसके सिर से पिता का साया व भाई अभिषेक का प्यार सदा के लिए खत्म हो गया है। लोग बताते हैं कि प्रीति की बहन राधा सुल्तानपुर से आई हुई थी, उसके बेटे विशाल के मुंडन थे। सब लोगों ने तय किया था कि वह एक साथ दशहरा के बाद वैष्णों देवी जाएंगे।
बहन राधा के पति बुध राज भी इस दर्दनाक हादसे का शिकार बन गए। रात तक उनके परिवार के बाकी सदस्यों का कुछ पता नहीं था, इतना ही पता था कि प्रीति व उसका बेटा आरूष के अलावा बहन राधा और उसकी बेटी सरोजनी ही बची है, बाकी किसी का कुछ पता नहीं है।