पाक ने जेलों से रिहा किए 163 भारतीय, पर देखिए 'करतूत'
पाकिस्तान ने अपने जेलों में बंद 163 भारतीय मछुआरों को रिहा कर अंतरराष्ट्रीय
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पाक ने जेलों से रिहा किए 163 भारतीय, पर देखिए 'करतूत'
पाकिस्तान की तरफ से सोमवार रात करीब ढाई बजे 163 मछुआरों को पंजाब के अमृतसर स्थित अंतरराष्ट्रीय अटारी सड़क सीमा के रास्ते भारत भेज दिया गया। रिहा मछुआरों के अनुसार अभी भी करीब साढ़े तीन सौ मछुआरे पाकिस्तान की अलग अलग जेलों में बंद है। रिहा किए गए लोगों में तीन बच्चे भी हैं, जो अपने परिवार के सदस्यों के साथ मछली पकड़ते वक्त गलती से पाक के समुद्री क्षेत्र में चले गए थे।
पाक ने जेलों से रिहा किए 163 भारतीय, पर देखिए 'करतूत'
हालांकि पाकिस्तान ने रिहा हुए इन 163 मछुआरों की 25 से अधिक नावें नहीं लौटाया है। जबकि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच हुए समझौते के अनुसार दोनों देश एक-दूसरे के मछुआरों को रिहा करने के साथ उनकी नाव को भी वापस करना था। इसके बावजूद पाकिस्तान ने इस पर अमल नहीं किया।
पाक ने जेलों से रिहा किए 163 भारतीय, पर देखिए 'करतूत'
रिहा हुए मछुआरों में से रिजवान ने बताया कि एक नाव लगभग चालीस लाख रुपये की होती है। पाकिस्तान भारतीय नावों का प्रयोग अपने समंदर में मछलियां पकड़ने के लिए करता है। उन्होंने कहा कि वे तो मजदूरी करते हैं। बड़े ठेकेदार मजदूरी पर उन्हें समंदर में भेजते हैं। दोनों देशों को समंदर के बीच अपनी सीमाओं की निशानदेही के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग करना चाहिए।
पाक ने जेलों से रिहा किए 163 भारतीय, पर देखिए 'करतूत'
मछुआरों को चार माह की कैद होती है, लेकिन पाकिस्तान सरकार नौ महीने से चार वर्ष तक जेल बंद रखती है। जेलों में 25 मछुआरे ऐसे बंद हैं, जो पिछले चार साल से वहां हैं। इनके नामों पर दोनों सरकारों के बीच उलझन है। यह भी खुलासा हुआ है कि रिहा किए गए मछुआरों में कुछ के नाम अंतिम समय में काट दिए गए।