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धोखा: फाइनेंस कंपनी में अपना सोना रखने से पहले 10 बार सोच लें, आगरा में हुआ ये बड़ा कांड 

Fri, 04 Mar 2022 11:04 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: अनुराग सक्सेना Updated Fri, 04 Mar 2022 11:04 AM IST
सार

आगरा में एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों पर गिरवीं रखा सोना बेचने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

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Employees of a finance company in Agra accused of selling mortgaged gold
gold - फोटो : istock

विस्तार

थाना सिकंदरा में सोने पर ऋण देने वाली एसबीएफसी फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रबंधक सहित चार के कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसने कंपनी में सोना रखकर ऋण लिया। इसके बाद कर्मचारियों को किश्त की रकम फोन-पे से ट्रांसफर की। मगर, कर्मचारियों ने रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं की। उसके सोने के जेवरात हड़प लिए। पुलिस का कहना है कि विवेचना की जा रही है।
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सोने के बदले लिया लोन 

सिकंदरा क्षेत्र के रहने वाले प्रमोद कुमार के मुताबिक, दो साल पहले उनको रुपयों की जरूरत थी। इसके लिए 13 मार्च 2020 को एसबीएफसी फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की संजय प्लेस शाखा में संपर्क किया। उनसे सोने के बदले लोन देने का वादा किया गया। इस पर सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर 54 हजार रुपये का लोन लिया था। इसके लिए 21.56 ग्राम सोना गिरवीं रखा गया था। कंपनी कर्मचारियों ने कहा था कि लोन की रकम अदा करने पर सोना वापस लिया जा सकता है। इस पर पीड़ित किश्त के रूप में हर महीने रकम जमा करते रहे। वह फोन-पे से कंपनी के खाते में रकम ट्रांसफर करते थे।
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कंपनी कर्मचारियों पर आरोप 

आरोप है कि कंपनी के शाखा प्रबंधक सौरभ, रीजनल मैनेजर प्रभात, कर्मचारी नितिन और सुरेश ने रुपये कंपनी के खाते में जमा नहीं किए। आठ अक्तूबर 2021 को कंपनी से फोन आया। कर्मचारी ने बताया कि आपने किश्त जमा नहीं की है। इस पर उन्होंने रकम जमा करने के बारे में बताया। मगर, उनकी सुनी नहीं गई। उन्हें कंपनी के सिकंदरा के भावना मल्टी प्लेक्स स्थित कंपनी के कार्यालय में बुलाया। तब भी यही बताया गया। 
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नहीं दे रहे गिरवीं रखा सोना

प्रमोद ने बकाया धनराशि जमा करने के लिए कहा। अपने जेवरात मांगे। मगर, कर्मचारी आजकल की कहकर बहाना बनाते रहे। उनकी सुनवाई नहीं हुई। 10 नवंबर 2021 को कार्यालय में जाकर जेवरात मांगने पर धमकी दी। सोना वापस करने से इंकार कर दिया। यह भी कहा कि सोना बेच दिया है। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉल किया। इस पर पुलिस पहुंच गई। तब वो निकल सके। पीड़ित ने एसपी सिटी से शिकायत की। इस पर थाना सिकंदरा पुलिस ने जांच की। इसके बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
 

आरोपियों ने कंपनी के खाते में जमा नहीं की रकम

थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता ने फोन-पे के माध्यम से कंपनी कर्मचारियों को किश्त की रकम ट्रांसफर की थी। मगर, कर्मचारियों ने रकम को कंपनी के खाते में जमा नहीं किया। मामले में विवेचना की जा रही है। अभी कंपनी कर्मचारी सामने नहीं आए हैं। उनसे भी अपना पक्ष रखने के लिए कहा जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि नामजद आरोपी इस समय कहां हैं?
 

कंपनी के बारे में पड़ताल करके ही लोन लेना चाहिए

पुलिस का कहना है कि सोने पर ऋण देने वाली कई फाइनेंस कंपनी है। सोने पर ऋण लेने से पहले कंपनी की साख का भी पता कर लें। उसके हेड ऑफिस की भी जानकारी होनी चाहिए। इसके बाद ही सोना रखकर ऋण लेना चाहिए।
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