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Ujjain News: भस्म आरती में मस्तक पर लगाया चंद्र और त्रिपुंड, भांग- ड्रायफ्रूट से किया बाबा महाकाल का श्रृंगार
Sun, 08 Dec 2024 08:41 AM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sun, 08 Dec 2024 08:41 AM IST
सार
बाबा महाकाल का भस्मारती के दौरान भांग और ड्रायफ्रूट से श्रृंगार किया गया, जिसे सभी श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर देखते रह गए। महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई।
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करें बाबा महाकाल के दर्शन।
विस्तार
उज्जैन श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार सुबह हुई भस्मारती के दौरान बाबा महाकाल का भांग, ड्रायफ्रूट और पूजन सामग्री से आकर्षक श्रृंगार किया गया। बाबा महाकाल के मस्तक पर त्रिपुंड और चंद्र लगाकर उन्हें भव्य रूप से सजाया गया। जिसने भी इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया, वह देखते ही रह गया। इससे पहले भक्तों को दर्शन देने के लिए बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। इसके बाद बाबा महाकाल की भस्मारती की गई।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि मार्गशीष माह शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर रविवार को बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद सबसे पहले भगवान को गर्म जल से स्नान, पंचामृत अभिषेक करवाने के साथ ही केसरयुक्त जल अर्पित किया गया।
बाबा महाकाल का भस्मारती के दौरान भांग और ड्रायफ्रूट से श्रृंगार किया गया, जिसे सभी श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर देखते रह गए। बाबा महाकाल के इस आलौकिक स्वरूप को सभी ने निहारा। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई। श्रद्धालुओं ने नंदी हॉल और गणेश मंडपम से बाबा महाकाल की दिव्य भस्मारती के दर्शन किए और भस्मारती की व्यवस्था का लाभ उठाया। श्रद्धालुओं ने इस दौरान बाबा महाकाल के निराकार से साकार होने के स्वरूप का दर्शन कर "जय श्री महाकाल" का उद्घोष भी किया।
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विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि मार्गशीष माह शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर रविवार को बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद सबसे पहले भगवान को गर्म जल से स्नान, पंचामृत अभिषेक करवाने के साथ ही केसरयुक्त जल अर्पित किया गया।
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बाबा महाकाल का भस्मारती के दौरान भांग और ड्रायफ्रूट से श्रृंगार किया गया, जिसे सभी श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर देखते रह गए। बाबा महाकाल के इस आलौकिक स्वरूप को सभी ने निहारा। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई। श्रद्धालुओं ने नंदी हॉल और गणेश मंडपम से बाबा महाकाल की दिव्य भस्मारती के दर्शन किए और भस्मारती की व्यवस्था का लाभ उठाया। श्रद्धालुओं ने इस दौरान बाबा महाकाल के निराकार से साकार होने के स्वरूप का दर्शन कर "जय श्री महाकाल" का उद्घोष भी किया।
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