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Sehore news: जहरीली कफ सिरप से मासूमों की मौत पर सीहोर में फूटा गुस्सा, कांग्रेस ने निकाला कैंडल मार्च

Thu, 09 Oct 2025 09:56 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Thu, 09 Oct 2025 09:56 PM IST
सार

सीहोर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छिंदवाड़ा में जहरीली कफ सिरप से मरे मासूम बच्चों की याद में कैंडल मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे और दोषियों को फांसी की मांग की। निशांत वर्मा ने स्वास्थ्य तंत्र की विफलता पर कड़ा प्रहार किया। 

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Sehore news:Anger erupts in Sehore after kids die from toxic cough syrup; Congress holds candle march
सीहोर में आक्रोश की लहर, कांग्रेस का कैंडल मार्च निकला

विस्तार

सीहोर शहर गुरुवार शाम भावनाओं से भरा नजर आया, जब जिला कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर शहर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने गांधी पार्क से लिसा टॉकीज चौराहे तक कैंडल मार्च निकाला। यह कैंडल मार्च उन मासूम बच्चों की याद में था, जिनकी जान छिंदवाड़ा में जहरीली कफ सिरप पीने से चली गई। मोमबत्तियों की रोशनी में भरे आंसू और गुस्से के नारों से पूरा शहर गूंज उठा।

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कैंडल मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने “जहरीली दवा बेचने वालों को फांसी दो” और “स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन में शामिल हर कार्यकर्ता के चेहरे पर मासूम बच्चों की मौत का दर्द साफ झलक रहा था। लोगों ने हाथों में मोमबत्तियाँ और तख्तियाँ उठाकर सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की। यह विरोध सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि व्यवस्था के खिलाफ आक्रोश की आवाज थी।
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निशांत वर्मा बोले ‘स्वास्थ्य तंत्र हो चुका है बेकार’
शहर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निशांत वर्मा ने कहा कि मध्य प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से विफल हो चुका है। उन्होंने कहा कि खुले बाजारों में जहरीली दवाएं बिक रही हैं, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस पर सख्त कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं। छोटे कारोबारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है, जबकि बड़े दवा कारोबारियों को राजनीतिक संरक्षण देकर बचाया जा रहा है। निशांत वर्मा ने भावुक स्वर में कहा कि इस हादसे ने कई माताओं की गोद सूनी कर दी। उन मासूम बच्चों की मौत सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा जहरीली कफ सिरप बेचकर मासूमों की जान लेने वाले दरिंदों को फांसी दी जानी चाहिए। यह सिर्फ एक कानूनी मामला नहीं, बल्कि इंसानियत की परीक्षा है।

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स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग
कांग्रेस नेताओं ने उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्हें नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि जब बच्चों की मौतें सरकारी निगरानी में बिकने वाली दवाओं से हों, तो यह केवल दवा कंपनी की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दोषियों पर हत्या का मुकदमा चलाया जाए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं।

 

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