{"_id":"68e79c8616392d375500094d","slug":"cough-syrup-health-minister-blames-tamil-nadu-government-in-cough-syrup-case-digvijay-hits-back-2025-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Cough Syrup: कफ सिरप मामले में स्वास्थ्य मंत्री ने तमिलनाडु सरकार को ठहराया जिम्मेदार, दिग्विजय ने किया पलटवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Cough Syrup: कफ सिरप मामले में स्वास्थ्य मंत्री ने तमिलनाडु सरकार को ठहराया जिम्मेदार, दिग्विजय ने किया पलटवार
Thu, 09 Oct 2025 06:33 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 09 Oct 2025 06:33 PM IST
सार
प्रदेश के राज्य स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने सीधे-सीधे तमिलनाडु सरकार को जिम्मेदार ठहराया, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पलटवार करते हुए मध्य प्रदेश सरकार और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
विज्ञापन
राज्यमंत्री लोक स्वास्थ्य नरेंद्र शिवाजी पटेल और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कथित तौर पर जहरीली कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रदेश में सियासी घमासान छिड़ गया है। जहां प्रदेश के राज्य स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने सीधे-सीधे तमिलनाडु सरकार को जिम्मेदार ठहराया, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पलटवार करते हुए मध्य प्रदेश सरकार और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- निर्माण राज्य की सरकार जिम्मेदार
स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र पटेल ने कहा कि जिस कफ सिरप से बच्चों की मौत हुई, वह तमिलनाडु में बनी थी। उन्होंने कहा कि भारत में दवा निर्माण की जिम्मेदारी उस राज्य की होती है जहां फैक्ट्री स्थित होती है। निर्माण, परीक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण और COU (Certificate of Undertaking) रिपोर्ट जारी करने की जिम्मेदारी भी उसी राज्य की होती है। उन्होंने कहा कि संबंधित कंपनी द्वारा बैच की COU रिपोर्ट जारी की गई थी, जो गुणवत्ता की पुष्टि करती है। लेकिन इस पूरे मामले में तमिलनाडु सरकार की गंभीर लापरवाही सामने आई है। उन्होंने कहा हमारे राज्य में दवा बिक्री से पहले रैंडम सैंपलिंग होती है, लेकिन दुर्भाग्यवश उस खास बैच की जांच नहीं हो पाई। इसी कारण छिंदवाड़ा में यह घटना घटी।
विज्ञापन
संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति कर रही कांग्रेस
उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में बनी दवाओं की सख्ती से जांच होती है, और भविष्य में जांच व्यवस्था और मजबूत की जाएगी। निजी लैब्स के साथ भी साझेदारी की संभावना पर विचार हो रहा है। राहुल गांधी के छिंदवाड़ा दौरे पर मंत्री ने कहा कि कांग्रेस इस संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति कर रही है।
यह भी पढ़ें- कफ सिरप में 486 गुना अधिक जहर,किडनी फेल व ब्रेन सूजन से बच्चों की मौत,तमिलनाडु की जांच में खुलासा
ड्रग विभाग सो रहा है, COU नहीं, ज़िम्मेदारी राज्य की भी है
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस मामले में राज्य सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु से दवाएं आ रही हैं, तो मध्य प्रदेश के ड्रग कंट्रोलर और ड्रग इंस्पेक्टर क्या कर रहे थे? उन्होंने सवाल उठाया कि जब बाहर से आने वाली दवाओं की हर महीने जांच होनी चाहिए, तो यह प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई? जहां 0% रसायन होना चाहिए था, वहां 47% तक पाया गया। ऐसे में यह बहुत गंभीर लापरवाही है। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने बिना जांच के पहले ही दिन दवा को क्लीन चिट कैसे दे दी?” दिग्विजय सिंह ने डिप्टी सीएम से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी थी, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि,राहुल गांधी के दौरे को राजनीतिक चश्मे से देखना गलत है। हम राजनीति नहीं, न्याय चाहते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दवा निर्माण की अनुमति केंद्र से मिलती है, ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि उस फैक्ट्री को परमिशन कैसे मिली।
यह भी पढ़ें- तमिलनाडु की फार्मा कंपनी के मालिक पर इनाम घोषित, तलाश तेज; डॉक्टर की जमानत अर्जी रद्द
क्या है COU रिपोर्ट?
COU यानी Certificate of Undertaking, वह दस्तावेज होता है जिसे दवा निर्माण के बाद गुणवत्ता की पुष्टि के लिए जारी किया जाता है। यह मैन्युफैक्चरर की ओर से यह प्रमाणित करता है कि बैच नियमानुसार जांचा गया है और उपयुक्त है। मंत्री के अनुसार, संबंधित कफ सिरप के लिए तमिलनाडु में स्थित फैक्ट्री से COU जारी हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्री बोले- निर्माण राज्य की सरकार जिम्मेदार
स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र पटेल ने कहा कि जिस कफ सिरप से बच्चों की मौत हुई, वह तमिलनाडु में बनी थी। उन्होंने कहा कि भारत में दवा निर्माण की जिम्मेदारी उस राज्य की होती है जहां फैक्ट्री स्थित होती है। निर्माण, परीक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण और COU (Certificate of Undertaking) रिपोर्ट जारी करने की जिम्मेदारी भी उसी राज्य की होती है। उन्होंने कहा कि संबंधित कंपनी द्वारा बैच की COU रिपोर्ट जारी की गई थी, जो गुणवत्ता की पुष्टि करती है। लेकिन इस पूरे मामले में तमिलनाडु सरकार की गंभीर लापरवाही सामने आई है। उन्होंने कहा हमारे राज्य में दवा बिक्री से पहले रैंडम सैंपलिंग होती है, लेकिन दुर्भाग्यवश उस खास बैच की जांच नहीं हो पाई। इसी कारण छिंदवाड़ा में यह घटना घटी।
विज्ञापन
संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति कर रही कांग्रेस
उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में बनी दवाओं की सख्ती से जांच होती है, और भविष्य में जांच व्यवस्था और मजबूत की जाएगी। निजी लैब्स के साथ भी साझेदारी की संभावना पर विचार हो रहा है। राहुल गांधी के छिंदवाड़ा दौरे पर मंत्री ने कहा कि कांग्रेस इस संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति कर रही है।
यह भी पढ़ें- कफ सिरप में 486 गुना अधिक जहर,किडनी फेल व ब्रेन सूजन से बच्चों की मौत,तमिलनाडु की जांच में खुलासा
ड्रग विभाग सो रहा है, COU नहीं, ज़िम्मेदारी राज्य की भी है
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस मामले में राज्य सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु से दवाएं आ रही हैं, तो मध्य प्रदेश के ड्रग कंट्रोलर और ड्रग इंस्पेक्टर क्या कर रहे थे? उन्होंने सवाल उठाया कि जब बाहर से आने वाली दवाओं की हर महीने जांच होनी चाहिए, तो यह प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई? जहां 0% रसायन होना चाहिए था, वहां 47% तक पाया गया। ऐसे में यह बहुत गंभीर लापरवाही है। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने बिना जांच के पहले ही दिन दवा को क्लीन चिट कैसे दे दी?” दिग्विजय सिंह ने डिप्टी सीएम से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी थी, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि,राहुल गांधी के दौरे को राजनीतिक चश्मे से देखना गलत है। हम राजनीति नहीं, न्याय चाहते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दवा निर्माण की अनुमति केंद्र से मिलती है, ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि उस फैक्ट्री को परमिशन कैसे मिली।
यह भी पढ़ें- तमिलनाडु की फार्मा कंपनी के मालिक पर इनाम घोषित, तलाश तेज; डॉक्टर की जमानत अर्जी रद्द
क्या है COU रिपोर्ट?
COU यानी Certificate of Undertaking, वह दस्तावेज होता है जिसे दवा निर्माण के बाद गुणवत्ता की पुष्टि के लिए जारी किया जाता है। यह मैन्युफैक्चरर की ओर से यह प्रमाणित करता है कि बैच नियमानुसार जांचा गया है और उपयुक्त है। मंत्री के अनुसार, संबंधित कफ सिरप के लिए तमिलनाडु में स्थित फैक्ट्री से COU जारी हुआ था।
