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होटल के लिफ्ट में फंसी वरिष्ठ आईएएस की पत्नी: 20 मिनट बाद निकाला, सुरक्षा इंतजामों में मिली कमी,तीन लिफ्ट सील
Sun, 20 Sep 2026 08:11 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 20 Sep 2026 08:11 PM IST
सार
भोपाल के कोर्टयार्ड बाय मैरियट होटल में रविवार सुबह वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की पत्नी करीब 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रहीं। निगम के अमले ने उन्हें बाहर निकालने के बाद होटल की लिफ्ट और फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच की। एआरडी नहीं मिलने, मासिक संधारण नहीं होने और अग्नि सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर तीन लिफ्ट अस्थायी रूप से सील कर दी गईं।
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लिफ्ट सील
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित कोर्टयार्ड बाय मैरियट होटल में रविवार सुबह एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की पत्नी करीब 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रहीं। उनके साथ एक डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ भी था। लिफ्ट में फंसने के बाद उन्होने लिफ्ट में लिखे संपर्क नंबर पर कई बार फोन किया, लेकिन वहां से कोई रिस्पांस नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने अपने पति को फोन कर घटना की जानकारी दी।सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर नगर निगम का अमला होटल पहुंचा और तत्काल लिफ्ट खुलवाकर तीनों को बाहर निकाला। इसके बाद निगम की फायर ब्रिगेड, विद्युत और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने होटल की लिफ्ट और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच शुरू की। जांच के दौरान लिफ्टों में ऑटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस (एआरडी) नहीं मिला। मासिक संधारण भी निर्धारित समय पर नहीं कराया गया था। अग्नि सुरक्षा से जुड़े इंतजामों में भी कमी पाए जाने पर नगर निगम ने होटल की तीन लिफ्टों को अस्थायी रूप से सील कर दिया।
31 अगस्त को होना था लिफ्ट का मासिक संधारण
नगर निगम के मुताबिक होटल की लिफ्टों के दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि पिछली निर्धारित तारीख 31 अगस्त 2026 को मासिक संधारण का काम नहीं किया गया था। निगम ने लिफ्टों से जुड़े अन्य दस्तावेजों की भी जांच की। निगम के अनुसार, जिस लिफ्ट में महिला फंसी थीं, उसका निर्धारित निरीक्षण 29 मई 2026 को हुआ था। हालांकि, इसके बाद के मासिक संधारण को लेकर निगम की जांच में कमियां सामने आईं।
फायर सेफ्टी की भी जांच, मानक पूरे नहीं मिले
लिफ्टों के साथ निगम के अमले ने होटल में अग्नि सुरक्षा उपकरणों और निर्गम द्वारों की भी जांच की। निगम के मुताबिक निर्धारित मानकों के अनुसार फायर सेफ्टी व्यवस्था नहीं मिली। इसके बाद तीन लिफ्टों को अस्थायी रूप से सील करने की कार्रवाई की गई। नगर निगम ने होटल के खाद्य सुरक्षा लाइसेंस समेत अन्य संबंधित दस्तावेज भी जांचे। निगम का कहना है कि होटल का पहले भी निरीक्षण किया जा चुका है और निर्धारित मानकों के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए नोटिस दिए गए थे।
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अब शहरभर में लिफ्टों की जांच
होटल में हुई घटना के बाद नगर निगम ने शहर की बहुमंजिला इमारतों, होटलों और अस्पतालों में लगी लिफ्टों की जांच करने का निर्णय लिया है। निगम की टीमें लिफ्टों के निर्धारित समय पर संधारण और निरीक्षण से जुड़े दस्तावेज भी देखेंगी। निगम आयुक्त संस्कृति जैन के निर्देश पर होने वाली इस जांच में सुरक्षा मानकों के अनुसार व्यवस्था नहीं मिलने पर संबंधित भवन संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निगम ने बहुमंजिला इमारतों, होटल और अस्पताल संचालकों को लिफ्टों का संधारण और सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
यह भी पढ़ें-भोपाल में आरएसएस का एकत्रीकरण: होसबाले बोले-जागृत और संगठित समाज ही देश को आगे बढ़ाएगा, जातिभेद-छुआछूत खत्म हो
घटना के बाद निगम मुख्यालय में हलचल
रविवार सुबह लिफ्ट में महिला के फंसने की सूचना फायर कंट्रोल रूम को मिली थी। इसके बाद निगम का अमला तत्काल होटल पहुंचा। रेस्क्यू के बाद हुई जांच में लिफ्ट के रखरखाव और फायर सेफ्टी से जुड़ी कमियां सामने आने पर कार्रवाई की गई। घटना के बाद निगम स्तर पर अब शहर में लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच की तैयारी शुरू हो गई है।
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31 अगस्त को होना था लिफ्ट का मासिक संधारण
नगर निगम के मुताबिक होटल की लिफ्टों के दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि पिछली निर्धारित तारीख 31 अगस्त 2026 को मासिक संधारण का काम नहीं किया गया था। निगम ने लिफ्टों से जुड़े अन्य दस्तावेजों की भी जांच की। निगम के अनुसार, जिस लिफ्ट में महिला फंसी थीं, उसका निर्धारित निरीक्षण 29 मई 2026 को हुआ था। हालांकि, इसके बाद के मासिक संधारण को लेकर निगम की जांच में कमियां सामने आईं।
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फायर सेफ्टी की भी जांच, मानक पूरे नहीं मिले
लिफ्टों के साथ निगम के अमले ने होटल में अग्नि सुरक्षा उपकरणों और निर्गम द्वारों की भी जांच की। निगम के मुताबिक निर्धारित मानकों के अनुसार फायर सेफ्टी व्यवस्था नहीं मिली। इसके बाद तीन लिफ्टों को अस्थायी रूप से सील करने की कार्रवाई की गई। नगर निगम ने होटल के खाद्य सुरक्षा लाइसेंस समेत अन्य संबंधित दस्तावेज भी जांचे। निगम का कहना है कि होटल का पहले भी निरीक्षण किया जा चुका है और निर्धारित मानकों के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए नोटिस दिए गए थे।
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अब शहरभर में लिफ्टों की जांच
होटल में हुई घटना के बाद नगर निगम ने शहर की बहुमंजिला इमारतों, होटलों और अस्पतालों में लगी लिफ्टों की जांच करने का निर्णय लिया है। निगम की टीमें लिफ्टों के निर्धारित समय पर संधारण और निरीक्षण से जुड़े दस्तावेज भी देखेंगी। निगम आयुक्त संस्कृति जैन के निर्देश पर होने वाली इस जांच में सुरक्षा मानकों के अनुसार व्यवस्था नहीं मिलने पर संबंधित भवन संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निगम ने बहुमंजिला इमारतों, होटल और अस्पताल संचालकों को लिफ्टों का संधारण और सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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घटना के बाद निगम मुख्यालय में हलचल
रविवार सुबह लिफ्ट में महिला के फंसने की सूचना फायर कंट्रोल रूम को मिली थी। इसके बाद निगम का अमला तत्काल होटल पहुंचा। रेस्क्यू के बाद हुई जांच में लिफ्ट के रखरखाव और फायर सेफ्टी से जुड़ी कमियां सामने आने पर कार्रवाई की गई। घटना के बाद निगम स्तर पर अब शहर में लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच की तैयारी शुरू हो गई है।
