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रीवा में प्रसूता की मौत के बाद बड़ा एक्शन: डॉक्टर बर्खास्त, औषधि निरीक्षक निलंबित; ब्लड सेंटर पर FIR के आदेश
Wed, 16 Sep 2026 10:43 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Wed, 16 Sep 2026 10:43 PM IST
सार
रीवा में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े दो मामलों में बुधवार को शासन स्तर से बड़ी कार्रवाई हुई। प्रसूति विभाग की डॉक्टर की सेवा समाप्त करने के साथ औषधि निरीक्षक को निलंबित किया गया है और ब्लड सेंटर के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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रीवा मेडिकल कॉलेज के डीन को बदला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रीवा में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में शासन स्तर पर बड़ी कार्रवाई हुई है। श्याम शाह मेडिकल कॉलेज की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं, प्रसव के दौरान कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में रीवा के औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी को निलंबित कर दिया गया है। इसी मामले में अथर्व ब्लड सेंटर के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। दोनों मामलों में बुधवार को संबंधित विभागों की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।
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नर्सिंग होम भेजने की शिकायत पर डॉक्टर की सेवा समाप्त
श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं 16 सितंबर 2026 को कार्यकारिणी समिति के संकल्प के आधार पर समाप्त कर दी गईं। उन पर मरीजों को नर्सिंग होम जाने के लिए बाध्य करने की शिकायत की जांच 2023 में चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति ने की थी। समिति ने उनके खिलाफ दीर्घशास्ति की अनुशंसा की थी। इसके बाद नोटिस और स्पष्टीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई। आदेश के अनुसार डॉ. अग्रवाल भविष्य में किसी भी शासकीय या स्वशासी सेवा के लिए अनर्ह होंगी। बता दें श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय के आदेश के अनुसार डॉ. सोनल अग्रवाल की नियुक्ति प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में सहायक प्राध्यापक के पद पर 10 नवंबर 2015 को हुई थी। उन्होंने 20 नवंबर 2015 को कार्यभार ग्रहण किया था।
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कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में औषधि निरीक्षक निलंबित
दूसरी कार्रवाई कल्पना मिश्रा पत्नी अमित मिश्रा की प्रसव के दौरान रीवा में हुई मौत के मामले में हुई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन मध्यप्रदेश के 16 सितंबर के आदेश के अनुसार मामले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल के 26 अगस्त 2026 के पत्र से गठित जांच समिति कार्रवाई कर रही है। आदेश में कहा गया है कि अथर्व ब्लड सेंटर जिस क्षेत्र में संचालित हो रहा था, वह औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी के अधिकार क्षेत्र में आता था। विभागीय आदेश में उनके खिलाफ कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता बरतने का उल्लेख किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खाद्य एवं औषधि प्रशासन के उपसंचालक कार्यालय, शहडोल रहेगा। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
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अथर्व ब्लड सेंटर पर आपराधिक केस दर्ज होगा
इसी घटनाक्रम में खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक ने रीवा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं पदेन उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन को अलग आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि औषधि निरीक्षक के माध्यम से अथर्व ब्लड सेंटर द्वारा की गई अनियमितता के संबंध में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाए और कार्रवाई से प्रशासन को अवगत कराया जाए।
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चार स्वास्थ्यकर्मी निलंबित
बता दें कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में डॉ. सोनल अग्रवाल, डॉ. निधि पांडेय, साधना वर्मा और सीमा मुजाल्दे को निलंबित किया गया है। संजय गांधी अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को पद से हटाया गया, जबकि तत्कालीन डीन डॉ. सुनील अग्रवाल को सतना मेडिकल कॉलेज भेजा गया। परिवार ने एफआईआर की मांग की है।
सात बिंदुओं पर मजिस्ट्रेटियल जांच
कल्पना और नवजात की मौत के मामले में कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने जांच के आदेश दिए हैं। एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल को जांच सौंपी गई है। एक महीने में रिपोर्ट देनी है। जांच में अस्पताल रिकॉर्ड, सीसीटीवी, ड्यूटी रोस्टर और स्टाफ की भूमिका देखी जाएगी।
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नर्सिंग होम भेजने की शिकायत पर डॉक्टर की सेवा समाप्त
श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं 16 सितंबर 2026 को कार्यकारिणी समिति के संकल्प के आधार पर समाप्त कर दी गईं। उन पर मरीजों को नर्सिंग होम जाने के लिए बाध्य करने की शिकायत की जांच 2023 में चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति ने की थी। समिति ने उनके खिलाफ दीर्घशास्ति की अनुशंसा की थी। इसके बाद नोटिस और स्पष्टीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई। आदेश के अनुसार डॉ. अग्रवाल भविष्य में किसी भी शासकीय या स्वशासी सेवा के लिए अनर्ह होंगी। बता दें श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय के आदेश के अनुसार डॉ. सोनल अग्रवाल की नियुक्ति प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में सहायक प्राध्यापक के पद पर 10 नवंबर 2015 को हुई थी। उन्होंने 20 नवंबर 2015 को कार्यभार ग्रहण किया था।
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कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में औषधि निरीक्षक निलंबित
दूसरी कार्रवाई कल्पना मिश्रा पत्नी अमित मिश्रा की प्रसव के दौरान रीवा में हुई मौत के मामले में हुई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन मध्यप्रदेश के 16 सितंबर के आदेश के अनुसार मामले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल के 26 अगस्त 2026 के पत्र से गठित जांच समिति कार्रवाई कर रही है। आदेश में कहा गया है कि अथर्व ब्लड सेंटर जिस क्षेत्र में संचालित हो रहा था, वह औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी के अधिकार क्षेत्र में आता था। विभागीय आदेश में उनके खिलाफ कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता बरतने का उल्लेख किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खाद्य एवं औषधि प्रशासन के उपसंचालक कार्यालय, शहडोल रहेगा। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
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अथर्व ब्लड सेंटर पर आपराधिक केस दर्ज होगा
इसी घटनाक्रम में खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक ने रीवा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं पदेन उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन को अलग आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि औषधि निरीक्षक के माध्यम से अथर्व ब्लड सेंटर द्वारा की गई अनियमितता के संबंध में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाए और कार्रवाई से प्रशासन को अवगत कराया जाए।
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बता दें कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में डॉ. सोनल अग्रवाल, डॉ. निधि पांडेय, साधना वर्मा और सीमा मुजाल्दे को निलंबित किया गया है। संजय गांधी अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को पद से हटाया गया, जबकि तत्कालीन डीन डॉ. सुनील अग्रवाल को सतना मेडिकल कॉलेज भेजा गया। परिवार ने एफआईआर की मांग की है।
सात बिंदुओं पर मजिस्ट्रेटियल जांच
कल्पना और नवजात की मौत के मामले में कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने जांच के आदेश दिए हैं। एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल को जांच सौंपी गई है। एक महीने में रिपोर्ट देनी है। जांच में अस्पताल रिकॉर्ड, सीसीटीवी, ड्यूटी रोस्टर और स्टाफ की भूमिका देखी जाएगी।
